भारत में आनलाइन पढ़ाने का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। इसके साथ विभिन्न विषयों के जानकारों के लिए पढ़ाने के मौके भी बढ़ रहे हैं। देश में 100 से अधिक छोटे-बड़े आनलाइन मंच विद्यार्थियों को पढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। इनकी संख्या में लगातार बढ़ोतरी भी हो रही है। ये मंच नर्सरी से लेकर सिविल सेवा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों पढ़ाने का काम कर रहे हैं।
आनलाइन पढ़ाने के प्रमुख रूप से दो तरीके हो सकते हैं। पहला तो यह कि बाजार में मौजूद आनलाइन मंचों के साथ जुड़ा जाए। इसके लिए सबसे पहले इन मंचों की ओर से आयोजित परीक्षा और साक्षात्कार देना होता है। इनमें सफल होने के बाद आनलाइन शिक्षण का कार्य शुरू किया जा सकता है। इन मंचों के माध्यम से शुरुआत में 30 से 40 हजार रुपए महीने और अनुभव होने के बाद यह राशि एक लाख रुपए महीने से भी अधिक हो सकती है। इन मंचों के साथ जुड़कर आनलाइन शिक्षण के लिए एक लैबटाप या स्मार्ट फोन और एक इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता होगी।
दूसरा तरीका यह है कि आप खुद ही आपना मंच तैयार कर लें। हालांकि इसमें आपको शुरुआत में बहुत मेहनत करनी होगी। आपको खुद ही विद्यार्थियों तक पहुंचना होगा। इसके बाद आपको खुद ही विद्यार्थियों को पढ़ाना होगा। कोई तकनीकी समस्या आएगी तो उसका भी समाधान भी आपको खुद ही खोजना होगा। अपने आनलाइन मंच को स्थापित करने में शुरुआत में आपको अधिक कार्य करना होगा लेकिन एक बार जब आपका मंच स्थापित हो गया तो आपकी कमाई लाखों तक पहुंचने में देर नहीं लगेगी।
इस स्थिति में पहुंचने के बाद आप अपने साथ और लोगों को भी जोड़ सकते हैं ताकि आप एक दो कार्योंे पर बेहतर तरीके से ध्यान दे पाओगे। खुद का मंच तैयार करने के लिए सबसे पहले तो आपको दफ्तर और कक्षाओं के संचालन के लिए एक स्थान की आवश्यकता होगी। इसके अलावा लैपटाप, इंटरनेट कनेक्शन और मंच के लिए एक बेवसाइट की भी जरूरत होगी।
प्रस्तुति : सुशील राघव
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