अमरावती से सांसद नवनीत राणा की गिफ्तारी का मामला अब संसद तक पहुंच गया है। 23 मई को लोकसभा की विशेषाधिकार समिति ने उन्हें पेश होने के लिए कहा है। हनुमान चालीसा विवाद में उद्धव ठाकरे की सरकार ने नवनीत राणा को गिरफ्तार किया था। फिलहाल वो जमानत पर बाहर हैं।
सांसद नवनीत राणा ने अपनी गिरफ्तारी के बाद के व्यवहार को लेकर मुंबई पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। इसकी शिकायत उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से की थी। जिसके बाद लोकसभा सचिवालय ने राज्य सरकार से जवाब मांगा था। इससे पहले, नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा ने 9 मई को स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की थी।
उन्होंने कहा- “लोकसभा अध्यक्ष सांसदों के संरक्षक होते हैं… मैंने उनसे अपील की है कि हमारे मामले में न्याय सुनिश्चित की जाए और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। मैंने उन्हें अपनी गिरफ्तारी की पूरी घटना के बारे में बताया। लोक सभा की विशेषाधिकार समिति 23 मई को मेरी शिकायतों पर विचार करेगी और मैं समिति को एक लिखित बयान भी दूंगीं”।
बता दें कि नवनीत राणा ने सीएम उद्धव ठाकरे के आवास के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने का ऐलान किया था। इस घोषणा के बाद शिवसैनिक राणा के खिलाफ प्रदर्शन करने उतर गए। माहौल तनातनी का हो गया था। मामला जब ज्यादा बढ़ गया तो सांसद ने अपना ऐलान वापस ले लिया। इसके बाद पुलिस पहुंची और उन्हें शांति भंग करने के आरोप में सांसद को गिरफ्तार कर ले गई।
गिरफ्तार के बाद नवनीत राणा ने दावा किया था कि पुलिस की हिरासत में उनके साथ बुरा सलूक किया गया और उन्हें पानी तक नहीं दिया गया था। हालांकि इन आरोपों का खंडन करते हुए मुंबई पुलिस ने एक वीडियो जारी किया था, जिसमें राणा दंपत्ति आराम से थाने के अंदर बैठकर चाय-पानी पी रहे थे।
राणा दंपति को 5 मई को विशेष न्यायाधीश आरएन रोकाडे ने कुछ शर्तों के साथ जमानत दी थी, जिसमें सार्वजनिक और प्रेस में इस मामले के बारे में बोलने से परहेज करना शामिल था। हालांकि बेल मिलने के बाद से नवनीत राणा लगातार मीडिया में बयान देती रही हैं। उनके खिलाफ इसके लिए नोटिस भी जारी हो चुका है।
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