ज्ञानवापी को लेकर उठे विवाद पर एक टीवी डिबेट के दौरान बीजेपी के सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि बुतों के सबसे बड़े शहर में औरंगजेब नमाज पढ़ने क्यों गया था? उस पर इस्लामिक स्कालर जुनैद हारिस ने कहा कि आज हम रोटी कपड़ा और मकान की बुनियादी जरूरतों को भुलाकर कौन से मुद्दों की तरफ जा रहे हैं। आखिर ये खोज कहां जाकर खत्म होने वाली है। एक के बाद एक करके बात आगे चली जाती है।
इंडिया टीवी की एंकर मीनाक्षी जोशी का सवाल था कि सर्वे कराना ही है तो ये अधिकार किसी विवि के प्रोफेसर का है या फिर पुरातत्व विभाग का है। लेकिन एक पक्ष का कहना है कि इससे हासिल क्या करना चाहते हैं। क्या ये कैरेक्टर बदलना चाहते हैं या फिर धार्मिक स्थल की स्थिति को बदलना चाहते हैं।
सुधांशु त्रिवेदी का कहना था कि इसके तकनीकी पक्ष में जाने से पहले सैद्धांतिक पक्ष है। कई बार इतिहास में एक मुकाम आता है किसी समुदाय के हाथ में जब वो बड़ा फैसला ले सके। मुस्लिम पक्ष के पास ये मौका दिसंबर 1949 में आया था। तब श्रीराम लला विराजमान और प्रकट हुए थे। इसके 12 साल बाद वो टाईटिल में तब पार्टी बने जब सूट दायर करने के लिए केवल 12 दिन बचे थे। उनके पास 1980 में भी मौका आया था लेकिन कुछ लोगों ने समझा दिया और वो बहक गए।
उनका कहना था कि बुतों के सबसे बड़े शहर में औरंगजेब करने क्या गए थे। तथ्य देखेंगे कि दीवारें चीख-चीखकर सच्चाई कह रही हैं। उनका कहना था कि मुस्लिम पक्ष को हकीकत को स्वीकार कर उसे मानना होगा वर्ना बात और बिगड़ती जाएगी। उनका कहना था कि अलाउद्दीन खिलजी के बाद के जितने बादशाह हुए उन्होंने बगदाद के खलीफा का खुतबा पढ़ा। अब मुस्लिम पक्ष खुद को इससे क्यों अलग नहीं कर पा रहा है।
इस्लामिक स्कॉलर जुनैद हारिस का कहना था कि अगर कोई मस्जिद वाला मंदिर के बारे में ऐसी बात करता तो तभी मैं यही कहता कि वो गलत है। उनका कहना था कि मुगलों को हमने (हमारे पूर्वज शेरशाह सूरी) भगाया। लेकिन हम अपना इतिहास नहीं भुला सकते। उनका कहना था कि अखंड भारत का स्वरूप अशोका, विक्रमादित्य और फिर औरंगजेब ने दिया।
हारिस का कहना था कि सभी इबादत गाहों की इज्जत होनी चाहिए। कोई मस्जिद वाला मंदिर की बात करता तो भी वो उसका विरोध करते। हम किसी की इबादतगाह को नहीं खत्म कर सकते। कोर्ट में लोग पूजा की अनुमति लेने गए थे। लेकिन वहां पर नई चीज सामने आ गई और आगे आती रहेंगी।
from National News in Hindi, Latest India’s News in Hindi, Hindi National News, नेशनल न्यूज़ - Jansatta | Jansatta https://ift.tt/IHyN7j6
No comments:
Post a Comment