केरल के आलप्पुझा शहर में शनिवार (21 मई 2022) को इस्लामी संगठन ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ ने ‘सेव द रिपब्लिक’ अभियान के तहत प्रोटेस्ट मार्च का आयोजन किया था। सोशल मीडिया पर पीएफआई के इस मार्च का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक नाबालिग बच्चा हिंदुओं और ईसाइयों के खिलाफ भड़काऊ नारे लगाते हुए दिखाई दे रहा है।
केरल पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर, मामले में जांच शुरू कर दी है। हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया है कि समाज में नफरत फैलाने और देश का माहौल खराब करने के लिए पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ नाबालिग बच्चों का इस्तेमाल कर रहा है। वायरल वीडियो में एक बच्चा अपने पिता के कंधे पर बैठकर नारा लगा रहा है।
नारा लगाते हुए बच्चा कह रहा है, “हिंदुओं को अपने अंतिम संस्कार के लिए चावल रखना चाहिए और ईसाइयों को अपने अंतिम संस्कार के लिए सुगंधित धूप, अगरबत्ती रखना चाहिए। अगर आप शालीनता से रहते हैं तो आप हमारी जमीन पर रह सकते हैं और अगर अच्छे से नहीं रहते हैं तो हम आजादी लेना जानते हैं। शालीनता से जियो।” बताया जा रहा है कि इस प्रोटेस्ट मार्च में पीएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमा अब्दुल सलाम भी मौजूद थे।
इस विषय पर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के प्रमुख प्रियांक कानूनगो ने कहा, “इस तरह की गतिविधियों में बच्चों को शामिल करना किशोर न्याय अधिनियम के खिलाफ है। हम एफ़आईआर दर्ज करने के लिए संबंधित जिले को लिख रहे हैं। इस मामले में सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। यह एक संज्ञेय अपराध है।”
वीडियो सामने आने के बाद, पीएफआई के प्रवक्ता रउफ पट्टांबी ने कहा, “कई लोगों ने हिंदुत्व आतंकवाद के खिलाफ नारे लगाए। इस लड़के ने नारे भी लगाए। हमें नारों की कुछ पंक्तियों पर खेद है और हम इस पर गौर करेंगे। उनके नारे हिंदुओं या ईसाइयों के खिलाफ नहीं थे, बल्कि नरसंहार की योजना बना रहे हिंदुत्व आतंकवादियों के खिलाफ थे।” उन्होंने कहा, “किसी भी मीडिया ने हमारे कार्यक्रम के मुख्य नारे ‘गणतंत्र की रक्षा’ को कवर नहीं किया था।” आलप्पुझा की पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है।
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