Monday, May 23, 2022

हरियाणा कांग्रेस में हुड्डा ने आठ पूर्व विधायकों को कराया शामिल, BJP और AAP को झटका

हरियाणा कांग्रेस के लिए सोमवार का दिन काफी अच्छा रहा। दरअसल आठ पूर्व विधायकों ने 23 मई को हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मौजूदगी में कांग्रेस का दामन थामा। इनमें कई तो ऐसे नेता रहे जिन्होंने कांग्रेस के ही टिकट पर विधायक बनने के बाद पार्टी छोड़ दी थी। बता दें कि इन सभी को हुड्डा ने कांग्रेस में शामिल कराया।

जिन लोगों ने कांग्रेस का दामन थामा उनमें परमिंदर ढुल, पूर्व विधायक राजकुमार वाल्मीकि, सुभाष चौधरी, राकेश कंबोज, शारदा राठौर, जिले राम शर्मा, नरेश सेलवाल और रामनिवास घोड़ेला शामिल हैं। माना जा रहा है कि इन सभी के कांग्रेस में शामिल होने के बाद भाजपा और आम आदमी पार्टी को कड़ी चुनौती मिलेगी और राज्य में अपनी चुनावी रणनीति में बदलाव करना पड़ेगा।

कौन हुए कांग्रेस में शामिल: कांग्रेस में शामिल होने वालों में रामनिवास घोड़ेला का भी नाम शामिल है। घोड़ेला बरवाला विधानसभा के विधायक थे। उन्होंने 2019 में कांग्रेस द्वारा टिकट न मिलने निर्दलीय तौर पर पर्चा भरा था। घोड़ेला को ओबीसी वर्ग का बड़े नेता माना जाता है।

वहीं कांग्रेस में जाने वाले शारदा राठौर 2005 और 2009 में फरीदाबाद जिले की बल्लभगढ़ सीट से विधायक बनी थीं। लेकिन 2019 में उन्होंने कांग्रेस को छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया था। इसी क्रम में परमिंदर सिंह ढुल्ल का भी नाम है। ढुल्ल ने 2009 और 2014 का विधानसभा चुनाव जींद जिले की जुलाना सीट से इनेलो के टिकट पर लड़ा था। परमिंदर को जीत भी मिली। लेकिन 2019 में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया और चुनाव लड़ा लेकिन दूसरे नंबर पर रहे।

इन आठ नेताओं में नरेश सेलवाल का भी नाम है। जोकि 2009 में हिसार जिले की उकलाना सुरक्षित सीट से विधायक चुने गए थे। 2019 में कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया था, जिसके चलते उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा था। फिलहाल अब वो वापस कांग्रेस में आ चुके हैं।

इस क्रम में राकेश कंबोज भी हैं। वो करनाल जिले की इंद्री सीट से 2005 में कांग्रेस विधायक बने थे। इसके बाद 2009 और 2014 में हजकां के प्रत्याशी के रूप में कंबोज ने चुनाव लड़ा। वहीं जब 2019 में कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया तो उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और दूसरे स्थान पर रहे।

वहीं हरियाणा के विधानसभा क्षेत्र जुंडला से राजकुमार वाल्मीकि 1991 से 1996 तक विधायक रहे। हाल ही में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी ज्वाइन कर ली थी। लेकिन अब वो फिर कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं। वहीं करनाल जिले की असंध सीट से विधायक रहे राम शर्मा 2019 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में 25,000 वोट मिले थे। असंध सीट पर उनकी ब्राह्मण समाज पर अच्छी पकड़ मानी जाती है। ऐसे में माना जा रहा है कि इससे कांग्रेस को मजबूती मिलेगी।



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