AIMIM चीफ और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र में एक रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधकर बीजेपी नेताओं से पूछा कि वो ताजमहल के नीचे पीएम की डिग्री की तलाश कर रहे हैं क्या? उनका तंज उस याचिका को लेकर था जिसमें अयोध्या के बीजेपी नेता ने कोर्ट में याचिका दायर करके 22 कमरों को खुलवाने की मांग की थी। उसका दावा था कि नीचे के कमरों में हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियां हैं। कमरों को खोलने के बाद सर्वे कराया जाए तो ताजमहल का काला सच सामने आ जाएगा।
महाराष्ट्र के भिवंडी में ओवैसी ने कहा कि बीजेपी के नेता बेवजह देश का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने ताजमहल से जुड़े मामले की याचिका पर कोर्ट के फैसले का भी जिक्र किया। ध्यान रहे कि यह याचिका बीती 12 मई को इलाहाबाद HC ने याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा कि ऐसी चीजों को इतिहासकारों पर छोड़ दिया जाना चाहिए। आगरा में ताजमहल में 22 बंद कमरों के पीछे सच्चाई का पता लगाने के लिए एक भाजपा नेता द्वारा याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया कि समाधि एक पुराना शिव मंदिर है।
ओवैसी ने कहा कि भाजपा मुगलों को भारत से बाहर का बताती है लेकिन क्या उसके पास इस बात का कोई जवाब है क्या कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों से कई अन्य समुदायों के लोग भी भारत में आए। उन्होंने कहा कि केवल द्रविड़ और आदिवासी ही भारत से हैं। अगर भारत किसी का है तो वह द्रविड़ और आदिवासी हैं। भारत का गठन अफ्रीका, ईरान, मध्य और पूर्वी एशिया से लोगों के पलायन के बाद हुआ था।
शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पर तंज कस ओवैसी ने कहा कि विधानसभा चुनाव में एनसीपी नेता ओवैसी को वोट देने के लिए कह रहे थे, जिससे बीजेपी और शिवसेना को रोका जा सके। चुनाव के बाद एनसीपी ने शिवसेना से निकाह कर लिया। लेकिन उन्हें ये बात आज तक पता नहीं चल पा रही कि तीनों दलों में से दुल्हन कौन है। उनका कहना था कि एमवीए गठबंधन ने बड़े-बड़ों को चक्कर में डाल दिया है। एक दूसरे की धुर विरोधी पार्टी सत्ता के लिए एक साथ आ गई हैं।
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