कोरोनो महामारी के कारण साल 2020 में केंद्र व राज्य के कर्मचारियों को महंगाई भत्ता और राहत भत्ता (DA and DR Hike) पर रोक लगा दी गई थी। जिसके बाद 7th Pay Commission के तहत केंद्र से लेकर राज्य के कर्मचारियों को डीए बढ़ोतरी का लंबा इंतजार करना पड़ा था। हालाकि उसके बाद जुलाई और अक्टूबर में महंगाई भत्ता बढ़ोतरी का ऐलान किया गया था। अब कर्मचारियों को 31 फीसद डीए दिया जा रहा है। वहीं बकाया 18 महीने के डीए आने पर फैसला भी जल्द आने की उम्मीद जताई जा रही है। इसी बीच में ओमिक्रॉन के बढ़ते मामले के बीच इस तरह की खबर वायरल हो रही है।
वायरल इस खबर में सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि ओमिक्रॉन के मामलों को देखते हुए सरकार ने केंद्रीय कमचारियों के बढ़े महंगाई भत्ता और पेंशनर्स की महंगाई राहत के फैसले को टाल दिया गया है। वायरल इस मैसेज के अनुसार, वित्त मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ एक्सपेंडिचर के द्वारा यह आदेश दिया गया है। हालाकि सरकारी की फैक्ट चेक वेबसाइट पीआईबी ने इस तरह के मैसेज को फर्जी बताया है और कहा है कि इस तरह का कोई भी बात सरकार की ओर से नहीं किया गया है और न ही डिर्पाटमेंट की ओर से ही यह आदेश जारी हुआ है।
प्रचलन में है महंगाई भत्ता
पीआईबी फैक्ट चेक ने इस दावे का फैक्ट चेक करते हुए कहा कि वित्त मंत्रालय के नाम से जारी एक फर्जी आदेश वायरल हो रहा है। इसमें दावा किया गया है कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को देय महंगाई भत्ता और महंगाई राहत को स्थगित रखा जाएगा। ये पूरी तरह से फर्जी खबर है। कर्मचारियों और पेंशनर्स के महंगाई भत्ता या महंगाई राहत रोका नहीं गया है, यह प्रचलन में हैं।
कितने कर्मचारियों को मिल रहा लाभ
31 फीसद महंगाई भत्ते के दर से केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को लाभ दिया जा रहा है। हालाकि अभी एक बार फिर कर्मचारियों के डीए बढ़ोतरी को लेकर चर्चा की जा रही है कि एक बार फिर महंगाई भत्ता और महंगाई राहत बढ़ सकता है। अगर ऐसा होता है तो कर्मारियों को इस बार सैलरी में और अधिक इजाफा होगा। सरकार के बढ़ोतरी के फैसले से करीब 48 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारी और 65 लाख से ज्यादा पेंशनर लाभान्वित होंगे।
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