ईडी की ओर से राहुल गांधी को समन भेजने पर देश में इन दिनों हंगामा मचा हुआ है। कांग्रेस पार्टी के नेता सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं। इसके साथ-साथ इसे बदले की कार्यवाही भी कह रहे हैं। इसी मुद्दे पर कई न्यूज चैनलों पर डिबेट आयोजित की जा रही है। ऐसी ही एक डिबेट न्यूज24 चैनल पर हुई। जहां पर कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने भाजपा सरकार की मंशा पर कई सवाल उठाएं।
अडानी पर क्यों नहीं ईडी की कार्रवाई: कांग्रेस नेता ने कहा कि श्रीलंका के सीलोन बिजली बोर्ड के प्रमुख एमसीसी फर्डिनेंडो ने कहा था कि नरेंद्र मोदी ने श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे पर दबाव डाला था कि 500 मेगा वाट का विंड एनर्जी प्रोजेक्ट अडानी ग्रुप को दिया जाए। उस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है और कोई एक्ट नहीं लगाया जा रहा है। सारे एक्ट और कार्रवाई केवल विपक्ष के नेताओं के लिए हैं और सारे एक्ट तो केवल इसलिए है कि भाजपा शासन अपनी नाकामी, असफलता और बेरोजगारी जैसे बड़े मुद्दों को छुपा सकें।
पहले दिया बयान फिर वापस लिया: गौरतलब है कि श्रीलंका में सीलोन बिजली बोर्ड के चीफ एमसीसी फर्डिनेंडो ने संसदीय पैनल के सामने गवाही दी थी कि राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने उन्हें बताया था कि पीएम मोदी ने अडानी ग्रुप को 500 मेगावाट की विंड एनर्जी प्रोजेक्ट देने के लिए दबाव डाला था। हालांकि बाद में उन्होंने एक बयान जारी करते हुए कहा कि वे मीटिंग में भावों को गए थे जिस कारण से उन्होंने झूठ बोल दिया था। मोदी को लेकर उन्होंने जो कुछ भी कहा है वह उसे वापस ले रहे हैं।
श्रीलंका की संसद में भी इसे लेकर हंगामा भी हो चुका है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि अडानी समूह की भागीदारी के साथ उत्तरी तट में 500 मेगावाट पवन ऊर्जा संयंत्र बनाने के लिए सरकार-से-सरकार स्तर पर 1989 के विद्युत अधिनियम में संशोधन की अहम वजह है।
विपक्षी दल एसजेबी चाहता था कि 10 मेगावाट क्षमता से अधिक की परियोजनाएं बोली से हो। लेकिन सरकार के अधिकांश सांसदों ने इसके खिलाफ मतदान किया।
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