अनिषा दत्ता.
कुछ ही महीनों के बाद केंद्र सरकार अपना अगला बजट पेश करेगी लेकिन अभी तक पिछले बजट का टारगेट पूरा नहीं हो पाया है। जिसकी वजह से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रेलवे मंत्रालय समेत कई मंत्रालयों को पत्र लिखा है और अपना प्रदर्शन ठीक करने के लिए कहा है। साथ ही उन्होंने अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने के लिए उत्पादक खर्च बढ़ाने के लिए कहा है।
यह स्वीकार करते हुए कि निजी निवेश में अभी गति नहीं आई है वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आर्थिक सुधार में सहायता के लिए पूंजीगत खर्च को बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं। 6 दिसंबर को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखे एक पत्र में वित्त मंत्री ने लिखा कि यह पाया गया कि नवंबर 2021 तक आपके मंत्रालय का पूंजीगत व्यय प्रदर्शन बजट लक्ष्य का केवल 61% था। दरअसल 2021-22 के लिए रेलवे का कुल बजटीय पूंजीगत व्यय 1,07,100 करोड़ रुपये तय किया गया है। लेकिन रेलवे चालू वित्तीय वर्ष में सिर्फ 65,331 करोड़ रुपये ही खर्च कर सका। अक्टूबर के अंत तक रेलवे का पूंजीगत व्यय 60,434 करोड़ रुपये यानी बजट का 56 प्रतिशत था।
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखे पत्र में वित्त मंत्री ने यह भी लिखा कि प्रधानमंत्री ने हमें कैबिनेट की बैठकों में भी पूंजीगत व्यय को बढ़ाने के लिए प्रेरित किया था। खर्च की धीमी गति को ध्यान में रखते हुए मैं आपसे साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित करने का अनुरोध करती हूं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दिसंबर 2021 तक बजट लक्ष्य का 75% खर्च हो सके और 15 मार्च 2022 तक बजट का पूरा 100% खर्च हो जाए।
हालांकि रेलवे अकेला मंत्रालय नहीं है जहां पूंजीगत खर्च में कमी रही है। महालेखा नियंत्रक के आंकड़ों के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 के पहले सात महीनों में पूंजीगत व्यय 2,53,270 करोड़ रुपये यानी बजट अनुमान का कुल 45.7 प्रतिशत था।
महालेखा नियंत्रक द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों से पता चलता है कि कई मंत्रालयों में अभी तक टारगेट सही ढंग से पूरा नहीं हो पाया है। चालू वित्तीय वर्ष में ऊर्जा मंत्रालय में बजट लक्ष्य का सिर्फ 7 प्रतिशत यानी 109 करोड़ रुपए खर्च हो सका। वहीं दूरसंचार मंत्रालय में भी सिर्फ 3158 करोड़ ही खर्च हो पाए जो बजट लक्ष्य का 12 प्रतिशत है। जल संसाधन मंत्रालय में भी अभी तक सिर्फ 43 करोड़ ही खर्च हुए हैं जो करीब 13 प्रतिशत है। वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय में करीब 48 प्रतिशत यानी 1211 करोड़ खर्च हुए।
सरकारी सूत्र के अनुसार रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सुनीत शर्मा ने बोर्ड के सभी अतिरिक्त सदस्यों को सभी स्तरों पर कड़ी निगरानी शुरू करने का निर्देश दिया है और साप्ताहिक रिपोर्ट भी मांगी है। रेल मंत्रालय के प्रवक्ता राजीव जैन ने कहा कि हमारी समीक्षा बैठकें शुरू हो गई हैं और मंत्रालय इस पर अच्छी तरह से काम कर रहा है।
19 अक्टूबर को द इंडियन एक्सप्रेस ने एक खबर छापी थी कि कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने 20 सितंबर को सभी मंत्रालयों के सचिवों को पत्र लिखकर खर्च और विशेष रूप से पूंजीगत व्यय में तेजी लाने के लिए कहा था। उन्होंने अपने पत्र में लिखा था कि चालू वित्त वर्ष के लक्ष्य को पूरा करने के लिए पूंजीगत व्यय में तेजी लाने की जरूरत है। वित्त वर्ष की पहली तिमाही के अंत में कई मंत्रालयों की प्रगति संतोषजनक नहीं है। कैबिनेट सचिव ने प्रधानमंत्री के साथ बैठक के बाद सभी मंत्रालयों के सचिव को पत्र लिखा था।
हालांकि इसको लेकर जब सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सचिव गिरिधर अरमाने से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि वित्त मंत्रालय चाहता है कि बुनियादी ढांचा वाले मंत्रालय बजट आवंटन का जितना संभव हो उतना खर्च करे। वित्त मंत्री ने इसकी समीक्षा भी की और पीएम ने भी पिछले महीने सभी बुनियादी ढांचा वाले मंत्रालयों की समीक्षा की थी। साथ ही उन्होंने कहा कि पिछले महीने तक हमारा पूंजीगत व्यय 68 प्रतिशत था और वित्त मंत्री ने हमें दिसंबर तक कम से कम 75 प्रतिशत खर्च करने के लिए कहा है। मुझे विश्वास है कि हम दिसंबर के अंत तक इससे थोड़ा अधिक कर लेंगे।
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