लिस्टिंग के बाद से भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के शेयर की कीमतों में लगातार गिरावट जारी है। अभी तक इसके शेयरों में 21 प्रतिशत से अधिक की गिरावट हो चुकी है और संभावना जताई जा रही ह कि इसके शेयरों की कीमत और गिरेगी। वहीं 10 वें सत्र के दौरान एलआईसी के आईपीओ में एंकरों को लॉक-इन अवधि समाप्त हो चुका है, जिसका मतलब है कि वे अब अपने शेयर को बेच सकते हैं।
लेकिन सोमवार को हुए शेयरों में गिरावट ने एंकर निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है। इसके शेयरों में सोमवार को 5.85% की गिरावट हुई है, बीएसई पर 690 रुपए के स्तर से इसके शेयर 668.20 रुपए के स्तर पर पहुंच चुके हैं। 17 मई को लिस्ट हुए कंपनी के शेयर में अभी तक 23.67% की गिरावट हुई है।
आईपीओ में एंकर निवेशकों के लिए सेबी के नियमों के अनुसार, किसी भी कंपनी के शेयर खरीदने के बाद एक महीने के बाद ही वे अपने शेयर को सेल कर सकेंगे। 13 मई को यह अवधि पूरी हो चुकी है और अब एंकर निवेशक अपने शेयरों को बेच सकेंगे। LIC के शेयरधारकों को लिस्टिंग होने के बाद से एक महीने से भी कम समय में पहले ही 1. 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है।
गौरतलब है कि LIC के शेयर 17 मई को 872 रुपए प्रति शेयर की कीमत पर लिस्ट हुआ था। सरकार ने एक सफल आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) के बाद एलआईसी के शेयरों का निर्गम मूल्य 949 रुपए तय किया था, जिसे लगभग 3 गुना अधिक सब्सक्रिप्शन मिला था।
4 मई को अपने आईपीओ के खुलने से एक दिन पहले LIC ने बड़ी संख्या में घरेलू निवेशकों जैसे म्यूचुअल फंड और बीमा कंपनियों और कुछ विदेशी फंडों को 5,627 करोड़ रुपए के शेयर आवंटित किए थे। एलआईसी के 70% से अधिक एंकर निवेशक घरेलू म्यूचुअल फंड थे। आईपीओ के समय, खुदरा निवेशकों को शेयरों का आवंटन 905 रुपए प्रति शेयर था, जबकि पॉलिसीधारकों को 889 रुपए प्रति शेयर पर आवंटन हुआ था।
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