तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ ब्रायन ने सदन में एक ऐसा मुद्दा उठाया, जिसका समाना कई सांसदों के द्वारा लंबे समय से किया रहा है। बीते बुधवार को सदन के आखिरी दिन ओ’ ब्रायन ने कहा कि गोवा के निवासी जिनके डी’ रोसारियो और डी ‘ क्रूज जैसे पुर्तगाली नाम है उन्हें अपने नाम की वजह से प्रोविडेंट फंड नहीं मिल पा रहा है। आगे उन्होंने इसका कारण बताते हुए कहा कि ईपीएफओ में जो कंप्यूटर प्रोग्राम इंस्टॉल किया गया है वह अंग्रेजी नामों के साथ एपोस्ट्रोफे (Apostrophe) नहीं लेता है।
आगे सांसद ने कहा कि उनके अपने एंग्लो इंडियन समाज जो कि यूरोपीयन डिसेंट का प्रयोग करता है उसे भी इसी तरह की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। अंत में ओ’ ब्रायन ने कहा कि केवल कंप्यूटर की सुविधा के लिए लोगों को नाम बदलने के लिए बोलना बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।
इससे पहले ओ’ ब्रायन महंगाई के मुद्दे पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की निशाना बना चुके हैं। उनकी ओर से बढ़ते पेट्रोल और डीजल के दामों को लेकर सोशल मीडिया पर ट्वीट किया गया था, जिसमें उन्होंने इस मुद्दे पर राज्यसभा में चर्चा करने की मांग की थी।
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