पहली जनवरी से दिल्ली में दो लाख लोग बिना कार के हो जाएंगे। आम आदमी पार्टी की केजरीवाल सरकार इस कार्रवाई को करने के लिए तैयार है। दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के आदेश के बाद प्रदूषण फैलाने वाले पुराने डीजल वाहनों के पंजीकरण को रद्द करने का फैसला किया है।
इस सप्ताह की शुरुआत में परिवहन विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया था कि इन वाहनों के मालिकों को एक एनओसी जारी किया जाएगा ताकि इन्हें अन्य स्थानों या दूसरे राज्यों में फिर से पंजीकृत किया जा सके। लेकिन अब विभाग उन वाहनों को एनओसी जारी नहीं करेगा जो 15 वर्ष या उससे अधिक समय पुराने हैं। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक आदेश में 15 साल पुराने पेट्रोल और 10 साल पुराने डीजल वाहनों के चलने पर रोक लगाया था। वहीं एनजीटी ने 15 साल पुराने वाहनों की पार्किंग पर भी रोक लगाने का आदेश दिया था।
टाइम्स ऑफ़ इंडिया से बातचीत में दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि हम पुराने डीजल वाहनों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं और अब तक लगभग 1 लाख ऐसे वाहनों का पंजीकरण रद्द कर दिया गया है। 1 जनवरी, 2022 से ऐसे सभी पुराने डीजल वाहनों का पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने बताया कि आगामी 1 तारीख से दस साल पुराने 2 लाख डीजल वाहन के पंजीकरण रद्द हो जाएंगे।
दिल्ली परिवहन विभाग की तरफ से जारी आदेश में पुराने डीजल और पेट्रोल गाड़ियों को इलेक्ट्रिक में कन्वर्ट करने का भी विकल्प दिया गया है। पुरानी गाड़ियों को इलेक्ट्रिक में कन्वर्ट करने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा स्वीकृत एजेंसियों से ही इलेक्ट्रिक किट लगवानी होगी। हालांकि अभी तक दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग द्वारा अधिकृत एजेंसियों की लिस्ट जारी नहीं की गई है। लेकिन विभाग ने कहा कि वह जल्दी ही इलेक्ट्रिक किट लगाने वाली एजेंसियों की लिस्ट जारी कर देगी।
अधिकारियों के अनुमान के अनुसार दिल्ली में करीब 38 लाख पुराने वाहन हैं। इनमें से 3 लाख डीजल वाहन हैं जो 10 साल या उससे ज्यादा पुराने हैं। वहीं राष्ट्रीय राजधानी में करीब 35 लाख पेट्रोल वाहन भी हैं जो 15 साल या उससे ज्यादा पुराने हैं।
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