Saturday, October 23, 2021

Stalkerware से बच के रहना! रूप- कैल्कुलेटर या कैलेंडर का, पर काम- आपके फोन की पैनी निगरानी; ऐसे रहें अलर्ट

फोन और इंटरनेट की दुनिया ने हमारी जिंदगियों को सरल तो बनाया है, पर उसके साथ ही यहां कुछ चीजें ऐसी हैं जो ध्यान न देने पर कभी-कभी बड़ी मुसीबत बन जाती हैं। ऐसी ही एक चीज है स्टॉकरवेयर। अमेरिकी सिक्योरिटी फर्म ‘नॉर्टन लाइफ लॉक’ के लीड रिसर्चर केविन राउंडी के अनुसार यह बहुत खतरनाक चीज है और एंड्रॉयड में उन्होंने इसे 800 से अधिक बार पाया है। आइए जानते हैं कि स्टॉकरवेयर क्या बला है और इससे कैसे बचा जा सकता है:

‘नॉर्टन लाइफ लॉक’ की एक स्टडी के मुताबिक, इस साल सितंबर से मई के बीच स्टॉकरवेयर (Stalkerware) से इन्फेक्ट होने वाली डिवाइस की दर में 63 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया। यहां तक कि यूएस फेडरल ट्रेड कमिशन ने ‘सपोर्ट किंग’ नाम के एक ऐप निर्माता को इस तरह के ऐप्स ऑफर करने से बैन भी कर दिया, जो कि इस तरह का पहली बार लगाया जाने वाला प्रतिबंध था।

स्टॉकरवेयर, गूगल प्ले स्टोर और ऐप्पल ऐप स्टोर पर दूसरे नाम से ‘मोबाइल टूल’, ‘एजेंट’ और ‘सर्बेरस’ नाम से मौजूद रहता है। एक बार अगर कोई इन्हें इंस्टॉल कर लेता है, तब ये यह किसी भी ऐप का आइकन बदलने की क्षमता रखते हैं। यहां तक कि कैल्कुलेटर और कैलेंडर के भी। पर यह इसके अलावा यूजर की बाकी चीजों पर भी पैनी निगाह रखते हैं। मसलन वेब सर्च, टेक्स्ट मैसेज और ई-मेल्स।

हाल-फिलहाल के दिनों में यह डिजिटल डोमेस्टिक अब्यूज के लिए एक किस्म का टूल बन गया है और ऐप्पल व गूगल सरीखी बड़ी टेक कंपनियां भी मान चुकी हैं कि यह एक बड़ा मुद्दा है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, स्कॉकरवेयर से लड़ना और इसे पहचानना आसान नहीं है, क्योंकि यूजर को पता ही नहीं चल पाता है कि यह उनके फोन में है भी या नहीं।

ऐसे कर सकते हैं स्टॉकवेयर से बचाव:

  • अगर अचानक से फोन अधिक बैट्री पीने लगे, तो अलर्ट हो जाएं। हो सकता है कि स्टॉकर ऐप आपके फोन के बैकग्राउंड में चल रहा हो और वही बैट्री खत्म कर रहा हो।
  • समय समय पर अपनी डिवाइस को स्कैन करते रहें। ‘मालवेयर बाइट्स’, ‘सर्टो’, ‘नॉर्टन लाइफ लॉक’ और ‘लुक आउट’ जैसे ऐप्स इसे डिटेक्ट तो कर लेते हैं, मगर आप अपने फोन के ऐप्स पर थोड़ा पैनी निगाह रखें कि कहीं उनमें तो कुछ गड़बड़ नहीं है।
  • फोन पर स्टॉकरवेयर से जुड़ी कोई चीज मिलती है, तो उसे हड़बड़ी में डिलीट न करें। पहले पॉज कर के स्क्रीनशॉट ले सें, ताकि आप उसकी जब और जहां भी शिकायत करें, तो वह आपके लिए सबूत के तौर पर काम आ सके।
  • अपने ऑनलाइन अकाउंट्स की ऑडिट करें और चेक करें कि उनसे कौन से ऐप्स जुड़े हैं। जो भी गड़बड़ लगे, उससे लॉग-आउट कर लें।
  • कुछ-कुछ वक्त के अंतराल पर अपने पासवर्ड्स बदलते रहें। एक ही पासवर्ड को अलग-अलग जगह यूज न करें और जब भी पासवर्ड क्रिएट करें, तो वे थोड़े लंबे और कठिन होने चाहिए।
  • स्टॉकरवेयर से छुटकारा पाने का एक तरीका यह भी है कि आप नए से शुरू करें। मतलब नया फोन ले लें या फिर अपने फोन के सारे डेटा को इरेज कर दें।
  • ऐप्पल और गूगल पर आने वाले सॉफ्टवेयर और ऐप अपडेट्स भी करते रहें, जिनमें ‘सिक्योरिटी फिक्स’ (फोन की सुरक्षा के लिहाज से चीजें अपडेट) होती हैं। ये भी स्टॉकरवेयर से लड़ने में मदद करते हैं।

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