Monday, October 11, 2021

देख लीजिए, ये है एशिया की पहली हाइब्रिड फ्लाइंग कारः करेगी वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग, बिन रन-वे छत से भर लेगी उड़ान

टेक्नोलॉजी तेजी से दुनिया को बदल रही है और इसी क्रम में वह दिन भी दूर नहीं है, जब दुनिया भर में लोग उड़ने वाली गाड़ियों का इस्तेमाल करेंगे। विदेश ही नहीं बल्कि भारत में भी इस तरह के वाहन लोगों की जिंदगी को आसान बनाने के लिए उपलब्ध होंगे। फिर चाहे इमरजेंसी मेडिकल सेवाएं हों या फिर सामान और व्यक्तियों को एक जगह से दूसरे स्थान पर लेकर जाना हो, ये सारे काम इन फ्लाइंग कार्स के जरिए और आसान हो सकेंगे।

ऐसा इसलिए, क्योंकि विश्व में विभिन्न कंपनियां उड़ने वाली गाड़ियों और एयर टैक्सियों को बनाने की दिशा में काम कर रही हैं। यहां तक कि वे इनके लिए शहरी एयरपोर्ट्स भी तैयार कर रही हैं, जहां से ये टेकऑफ और लैंड कर सकें। इसी बीच, अपने देश के चेन्नई की कंपनी विनाता एयरोमोबिलिटी (Vinata Aeromobility) भी उड़ने वाली गाड़ी पर काम कर रही है और वह एशिया की पहली हाइब्रिड फ्लाइंग कार तैयार कर रही है।

विनाता एयररोमोबिलिटी जिस प्लान पर फिलहाल काम कर रही है, वह साल 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है। पांच और छह अक्टूबर, 2021 को लंदन में हुई विश्व की सबसे बड़ी हेलिटेक एक्सपो में एशिया की पहली हाइब्रिड फ्लाइंग कार को पेश किया था। कंपनी ने इससे जुड़ा एक वीडियो भी यूट्यूब पर पांच अक्टूबर को साझा किया गया था, जिसमें एनिमेटेड अंदाज में फ्लाइंग कार को उड़ते हुए दिखाया गया था।

कंपनी ने इससे पहले बीते महीने फ्लाइंग कार के प्रोटोटाइप (मॉडल) केंद्रीय विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को दिखाया था, जिन्होंने टीम के प्रयासों की तारीफ की थी। खास बात है कि यह फ्लाइंग कार वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग भी कर सकती है, जबकि बिना रन-वे छत से भी उड़ान भर सकती है।

‘मेड इन इंडिया’ कॉन्सेप्ट के तहत बनने वाली हाइब्रिड फ्लाइंग कार से जुड़ी बातें:

1 – विनाता एयरोमोबिलिटी की हाइब्रिड फ्लाइंग कार एक वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग (VTOL) मशीन है। इसका रोटर कॉन्फ़िगरेशन को-एक्सियल क्वाड-रोटर है। उड़ने वाली कार में चार तरफ पंख लगे होते हैं और यह टेक ऑफ और लैंड कर सकती है। इसका को एक्यिल (सह-अक्षीय) क्वाड-रोटर सिस्टम आठ बीएलडीसी मोटरों से पावर पाता है जो आठ फिक्स्ड पिच प्रोपेलर के साथ आते हैं।

2- हाइब्रिड फ्लाइंग कार 120 किमी प्रति घंटे की टॉप स्पीड से 60 मिनट तक उड़ सकती है। यह जमीनी स्तर से अधिकतम 3,000 फुट की ऊंचाई पर उड़ सकती है। टू-सीटर फ्लाइंग कार का वजन 1100 किलो है और यह अधिकतम 1300 किलो उठा सकती है। दावा है कि इसकी रेंज 100 किमी और उच्चतम सर्विस सीलिंग 3,000 फुट है।

3- विनाटा की हाइब्रिड फ्लाइंग कार में अंदर की तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ डिजिटल इंस्ट्रूमेंट पैनल हैं, जो कार को उड़ने और चलाने के अनुभव को अधिक आकर्षक और परेशानी मुक्त बनाते हैं। एक बड़ा डिजिटल टचस्क्रीन सिस्टम भी है, जिसका यूज अन्य चीजों के अलावा नेविगेशन के लिए किया जा सकता है। उड़ने वाली कार में पैनोरमिक विंडो कैनोपी है जो 300 डिग्री का दृश्य देती है।

4- सुरक्षा के उद्देश्य से, हाइब्रिड इलेक्ट्रिक फ्लाइंग कार में इजेक्शन पैराशूट के साथ एयरबैग सक्षम कॉकपिट भी है। इसके अलावा यह डीईपी (डिस्ट्रिब्यूटेड इलेक्ट्रिक प्रपल्शन) सिस्टम का इस्तेमाल करती है, जो यात्रियों को अतिरेक के माध्यम से सुरक्षा प्रदान करता है। मतलब विमान पर कई प्रोपेलर और मोटर हैं और अगर एक या अधिक मोटर या प्रोपेलर खराब या फेल हो जाते हैं तो बाकी काम करने वाले मोटर और प्रोपेलर विमान को सुरक्षित रूप से उतार सकते हैं।

5- इसके इस्तेमाल को टिकाऊ बनाने के लिए हाइब्रिड फ्लाइंग कार बिजली के साथथ बायो फ्यूल का इस्तेमाल करेगी। इसमें बैकअप पावर भी है, जो जनरेटर पावर बाधित होने की स्थिति में मोटर को बिजली मुहैया कराता है।

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