बिहार में गरीबों को शुद्ध पेय जल उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पांच साल पहले बड़ी परियोजना शुरू की थी। ‘हर घऱ नल का जल’ नाम की इस परियोजना का अब तक 95 फीसदी काम पूरा हो चुका है। हालांकि ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को पता चला है कि इस स्कीम से राजनेताओं के करीबियों को बड़ा फायदा मिला है।
चार महीने तक की गई इन्वेस्टिगेशन के बाद पता चला है कि इस योजना के तहत भाजपा, JDU के विधायकों और उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद के रिश्तेदारों को भी बड़ा फायदा मिला है। जानकारी के मुताबिक उन्हें 53 करोड़ के ठेके इस योजना के तहत मिले हैं। इस मामले में जब तारकिशोर प्रसाद से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि क्या बिजनेस करने में कुछ गलत है?
तारकिशोर प्रसाद की बहू पूजा कुमारी और उनसे जुड़ी दो कंपनियों को मिले ठेके के बारे में जब सवाल किया गया तो उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘हमारे पास केवल एक ठेका है और वह है बहू का। इसका काम अब तक पूरा हो चुका है। क्या हम कारोबार नहीं कर सकते? इसके अलावा हर घऱ नल का जल योजना में और कौन काम कर रहा है, इसके बारे में मुझे जानकारी नहीं है। मेरी बहू के पास चार यूनिट (वॉर्ड) का काम था।’
इस योजना के तहत दीपकिरन इन्फ्रासंट्रक्चर को भी ठेका मिला था। इस कंपनी के डायरेक्टर तारकिशोर प्रसाद के साले प्रतीप कुमार भगत हैं। इस बारे में सवाल किए जाने पर उन्होंने कहा, ‘हां ठीक है, ये भी उसी सोशल कैटिगरी से हैं और योजना के साथ जुड़े हुए हैं।’
दीपकरन इन्फ्रास्ट्रक्चर और जीवनश्री इन्फ्रास्ट्रक्चर के बारे में सवाल किए जाने पर उन्होंने कहा कि ये सभी बड़ी कंपनियां हैं और इनसे हमारा कोई दूर-दूर तक नाता नहीं है। बता दें कि जीवनश्री इन्फ्रास्ट्रक्चर में भी तारकिशोर प्रसाद के तीन करीबी डायरेक्टर हैं।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कटिहार जिले में ही 2800 यूनिट हैं और इनमें से केवल चार के ठेके उनके परिवार को मिले हैं। बिजनेस करना कोई गलत काम नहीं है। हां, यह जरूर सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई गड़बड़ी न होने पाए। उन्होंने कहा, ‘मैंने अपने बेटे से कहा है कि कोई भी सरकारी काम न करे, इससे केवल फालतू की समस्याएं पैदा होती हैं।’
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