1988 में ‘सलाम बॉम्बे’ में छोटी-सी भूमिका से इरफान ने शुरुआत की, तब उन्हें कोई नहीं जानता था। अगले 15 सालों तक संघर्षरत अभिनेता के रूप में इरफान काम करते रहे। 2003 में किसी पुच्छल तारे की तरह उनकी चमक मुंबई फिल्मजगत ने ‘हासिल’ के रणविजय के रूप में देखी।
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