सरकार जहां इसमें सिर्फ फायदे गिनाने पर तुली है, वहीं विपक्ष और अर्थशास्त्रियों का बड़ा वर्ग नोटबंदी के नकारात्मक असर को रेखांकित करता रहा है। ऐसे में रिजर्व बैंक गवर्नर का इतना भर भी मान लेना बड़ी बात है कि नोटबंदी का तात्कालिक असर पड़ा था। गहराई में जाएं तो पता चलेगा कि नोटबंदी का असर कोई मामूली नहीं था और इसकी मार से छोटे उद्यमी और किसान तो अभी तक उबर नहीं पाए हैं।
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