योगेंद्र यादव ने कहा-किसान मुक्ति मार्च देश के किसानों की लूट, आत्महत्या, शोषण और अन्याय से मुक्ति की यात्रा है। आज की इस यात्रा में किसान अकेले नहीं है, बल्कि पूरा देश उनके साथ चल रहा है। मांग है कि संसद का विशेष सत्र बुलाकर लंबित दोनों महत्त्वपूर्ण विधेयकों को पास किया जाए। पहला कानून किसानों की ऋण मुक्ति का है, जबकि दूसरा कृषि उपज के उचित और लाभकारी मूल्य से जुड़ा है।
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