Sunday, June 26, 2022

संगरूर, रामपुर, आजमगढ़: तीन लोकसभा सीट, तीनों के उपचुनाव में बड़ा उलटफेर, जानें 7 विधानसभा सीटों पर हुए By Polls के क्‍या रहे नतीजे

26 जून को पंजाब की एक और यूपी की दो लोकसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे आए। इन तीनों सीटों पर बड़ा उलटफेर हुआ है। दरअसल आप की कब्जे वाली पंजाब की संगरुर सीट पर शिरोमणि अकाली दल की जीत हुई है तो वहीं रामपुर और आजमगढ़ लोकसभा सीट पर भाजपा ने अपना कब्जा जमाया है। बता दें कि इससे पहले रामपुर और आजमगढ़ सीट पर सपा का कब्जा रहा था।

रामपुर: यूपी की रामपुर लोकसभा सीट, जिसपर हमेशा आजम खान का दबदबा माना जाता था। इस सीट पर भाजपा प्रत्याशी घनश्याम सिंह लोधी की जीत हुई है। चुनाव आयोग की जानकारी के मुताबिक लोधी को 367397 मत मिले तो वहीं सपा प्रत्याशी असीम रजा को 325205 मत मिले हैं। जीत का अंतर 42,192 मतों का है।

गौरतलब है कि सपा के दिग्गज नेता आजम खान 2019 में रामपुर लोकसभा सीट से सांसद चुने गये थे। उन्होंने भाजपा की उम्मीदवार जया प्रदा को करीब एक लाख वोटों से शिकस्त दी थी। लेकिन 2022 में हुए यूपी विधानसभा में उन्होंने रामपुर सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। ऐसे में उन्हें रामपुर लोकसभा सीट छोड़नी पड़ी थी।

बता दें कि करीब दो साल जेल में रहे आजम खान जमानत मिलने के बाद रामपुर सीट पर होने वाले लोकसभा उपचुनाव के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी। उन्होंने अपने मनपसंद उम्मीदवार को सपा टिकट भी दिलवाया लेकिन नतीजे उनके पक्ष में नहीं रहे।

मालूम हो कि रामपुर लोकसभा सीट मुस्लिम बाहुल्य सीट है। यहां पर 55 फीसदी मतदाता मुस्लिम हैं। वहीं उपचुनाव में आजम खान चुनाव प्रचार की कमान अपने पास रखे हुए थे। रविवार की सुबह जब मतगणना शुरू हुई तो आसिम राजा आगे चल रहे थे लेकिन आखिरी समय में भाजपा ने बाजी मार ली। रामपुर में आसिम राजा की हार को आजम खान की हार के तौर पर देखा जा रहा है।

आजमगढ़: आजमगढ़ लोकसभा सीट पर सपा का दबदबा माना जाता रहा है। इस सीट पर 2019 लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने जीत दर्ज की थी। उनके पिता मुलायम सिंह यादव भी इसी सीट से सांसद रह चुके हैं। 2019 में अखिलेश यादव के सामने भाजपा ने दिनेश लाल यादव को टिकट दिया था लेकिन वो जीत नहीं सके थे।

2019 में भोजपुरी सिनेस्टार दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ को अखिलेश यादव ने दो लाख 59 हजार 874 वोट से हराया था। लेकिन हाल ही में हुए यूपी विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने करहल विधानसभा सीट चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। इसके बाद उन्होंने आजमगढ़ लोकसभा सीट छोड़ने का फैसला किया।

आजमगढ़ सीट पर जब लोकसभा उपचुनाव हुए तो इस सीट पर भाजपा ने फिर से दिनेश लाल यादव पर दांव लगाया। वहीं सपा ने यादव कुनबे से धर्मेंद्र यादव को मैदान में उतारा। नतीजों में दिनेश लाल यादव ने बड़ा उलटफेर करते हुए सपा के धर्मेंद्र यादव को 8,679 वोटों से शिकस्त दे दी। इस उपचुनाव में दिनेश लाल यादव को 3,127,68 को वोट मिले तो धर्मेंद यादव को 3,040,89 वोट मिले हैं।

संगरुर: पंजाब के विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत पाने के बाद हुए लोकसभा उपचुनाव में आम आदमी पार्टी को तगड़ा झटका लगा है। बता दें कि संगरुर लोकसभा उपचुनाव में अकाली दल अमृतसर के सिमरनजीत सिंह मान को जीत हासिल हुई है। उन्होंने आम आदमी पार्टी के गुरमेल सिंह को हराया।

बता दें कि संगरूर लोकसभा सीट से आप नेता भगवंत मान दो बार संसद पहुंच चुके हैं। लेकिन इसी साल पंजाब का मुख्‍यमंत्री बनने के बाद उन्‍होंने इस लोकसभा सीट से इस्‍तीफा दे दिया था। जिसके बाद यहां उपचुनाव कराया गया। आप की दबदबे वाली इस सीट पर आम आदमी पार्टी गुरमेल सिंह को हार का सामना करना पड़ा है। उन्हें सिमरनजीत मान ने 5822 मतों से हराया। जहां गुरमेल सिंह को 2,47,332 वोट मिले तो वहीं सिमरनजीत मान को 2,53,154 वोट मिले हैं।

सात विधानसभा सीटों का हाल: 26 जून को तीन लोकसभा सीटों के अलावा सात विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे आए। जिसमें दिल्ली की राजिंदर नगर सीट पर आप के दुर्गेश पाठक ने 11,468 वोटों से जीत दर्ज की है। इस उपचुनाव में दुर्गेश पाठक को 40,319 वोट मिले तो उनके निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा के राजेश भाटिया को 28,851 मत मिले।

वहीं झारखंड की मांडर से सत्ताधारी गठबंधन की संयुक्त प्रत्याशी कांग्रेस की शिल्पी नेहा तिर्की ने भाजपा की गंगोत्री कुजूर को कड़े मुकाबले में 23,517 वोटों से हराया। शिल्पी नेहा को 95,062 वोट मिले तो भाजपा की गंगोत्री को 71545 मत मिले।

आंध्र प्रदेश की आत्मकूर सीट पर हुए उपचुनाव में सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार एम. विक्रम रेड्डी ने 82,742 वोटों से अपने निकटतम प्रत्याशी भाजपा के जी भरत कुमार को हराया है। विक्रम रेड्डी को 1,02,241 वोट मिले तो वहीं भरत कुमार को 19,353 वोट मिले।

वहीं त्रिपुरा में चार विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस को एक और भाजपा ने 4 सीटों पर जीत दर्ज की है। इसमें त्रिपुरा की टाउन बारडोवली सीट से भाजपा प्रत्याशी व मुख्यमंत्री मानिक साहा ने जीत हासिल की है। वहीं अगरतला में कांग्रेस प्रत्याशी सुदीप रॉय बर्मन जीते हैं। इसके अलावा जबराजनगर व सूरमा सीट भी भाजपा की झोली में आई है।



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2020 से 2021 के बीच बाढ़ और तूफान से ज्‍यादा लोगों की मौत बिजली गिरने के चलते हुई, पढ़ें चौंकाने वाले आंकड़े

उत्तर भारत में मानसून की शुरुआत के साथ ही पिछले सप्ताह बिहार में बिजली गिरने और आंधी-तूफान से जुड़ी घटनाओं में 17 लोगों की मौत हो गई। इनमें से भागलपुर जिले में 6 लोगों की मौत हुई, वैशाली में 3 लोगों की मौत, बांका और खगड़िया में 2 मौतें हुईं और मुंगेर, कटिहार, मधेपुरा और सहरसा में एक-एक मौत हुई। हालांकि बिजली गिरने से होने वाली मौतों को अलग-अलग घटनाओं के रूप में रिपोर्ट किया जाता है। न्यूज 18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रामीण इलाकों में बाढ़ और चक्रवातों की वजह से बेहिसाब मौतें होती हैं, लेकिन इसकी तुलना में कहीं ज्यादा मौते आकाशीय बिजली गिरने से हो जाती हैं।

अर्थ साइंस मिनिस्ट्री, भारतीय मौसम विभाग और अन्य सरकारी एजेंसियों की एक संयुक्त रूप से प्रकाशित वार्षिक लाइटनिंग रिपोर्ट 2020-2021 के अनुसार उत्तर भारतीय राज्यों में बिजली गिरने से 2020 और 2021 के बीच 1,697 लोगों की मौत हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर भारत में तीन राज्य, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश जहां बिजली गिरने से मरने वालों की संख्या 1500 से भी ज्यादा हो जाती है। रिपोर्ट में कहा गया ये तीनों राज्य हमारे लिए चुनौती बने हुए हैं। मरने वालों का आंकड़ा एक आधिकारिक डाटा है क्योंकि इन राज्यों में ऐसी मौतों पर मुआवजा भी मिलता है।

लगातार बढ़ रहीं हैं बिजली गिरने से मौत की घटनाएं
संजय श्रीवास्तव ने बताया, जो क्लाइमेट रेजिलिएंट ऑब्जर्विंग सिस्टम्स प्रमोशन काउंसिल (CROPC) में काम करता है, जो ऊपर बताई गई लाइटनिंग रिपोर्ट में योगदान देने वाली एजेंसियों में से एक है। इस रिपोर्ट के मुताबिक बिहार में 401, उत्तर प्रदेश में 238, मध्य प्रदेश में 228 और ओडिशा में 156 मौतें हुई हैं। ये मौतें बिजली गिरने की घटनाओं के लगातार बढ़ने का परिणाम हैं। ये एक ऐसा बदलाव है पर्यावरण में जिसे सरकारी आंकड़ों में भी स्वीकार किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, देश में बिजली गिरने की घटनाओं में 34% की वृद्धि दर्ज की गई, जो 2019-2020 में 1.38 करोड़ से बढ़कर 2020-2021 में 1.85 करोड़ हो गई, जो पूरे देश में एक वर्ष में 46.83 लाख की वृद्धि है।

डाटा की प्रमाणिकता पर सवाल?
हालांकि सरकारी एजेंसियों जैसे लाइटनिंग रेजिलिएंट कैंपेन इंडिया और नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) ने बिजली गिरने से होने वाली मौतों को रिकॉर्ड किया है जबकि विशेषज्ञों का कहना है कि मौतों की संख्या कम बताई गई है। भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलुरु में उच्च वोल्टेज इंजीनियरिंग विभाग के पूर्व प्रोफेसर डॉ जीआर नागभूषण ने कहा,”हालांकि देश में मृत्यु दर हर साल 2,000 से 3,000 के बीच है लेकिन ये कोई उचित डेटा नहीं है।” प्रोफेसर नागभूषण के अनुसार, हालांकि सरकारी एजेंसियां ​​​​डेटा रिकॉर्ड करने का प्रयास करती हैं, लेकिन प्रामाणिकता सवालों के घेरे में है। नागभूषण ने आगे बताया, “अगर बिजली गिरने से किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है, तो डॉक्टर को मुख्य कारण घोषित करना चाहिए। अगर यह बिजली है तो उन्हें इसकी घोषणा करनी चाहिए और इसे रिकॉर्ड के लिए एक सरकारी एजेंसी को देना चाहिए।”

जलवायु परिवर्तन की वजह
विशेषज्ञों का कहना है कि बिजली गिरने और इसके परिणामस्वरूप होने वाली मौतों में वर्तमान वृद्धि को जलवायु परिवर्तन के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। श्रीवास्तव ने कहा कि ग्लेशियरों के पिघलने से हवा में नमी बढ़ रही है और ग्लोबल वार्मिंग से गर्मी बढ़ रही है जिससे बिजली गिरने के दो मुख्य कारणों में योगदान बढ़ रहा है।

ग्लोबल वार्मिंग की वजह से बढ़ रहा है तापमान
श्रीवास्तव ने बताया, “ग्लोबल वार्मिंग से तापमान दिनो ब दिन बढ़ता जा रहा है, जिसकी वजह से वातावरण में नमी भी बढ़ रही है। क्योंकि हिमालय पिघल रहा है जब समुद्र में पानी गर्म होता है तो यह ज्यादा भाप पैदा करेगा। प्रकाश के लिए आवश्यक दो मुख्य घटक बढ़ रहे हैं गर्म पृथ्वी और जल वाष्प यही वजह है कि बिजली गिरने की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है।”

बिजली गिरने से 96 फीसदी से ज्यादा मौतें ग्रामीण इलाकों से
सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक बिजली गिरने से होने वाली मौतों में 96 फीसदी से ज्यादा ग्रामीण इलाकों में हैं। श्रीवास्तव ने आगे कहा, “हमने गांवों की भौगोलिक विशेषताओं का रिस्की मूल्यांकन किया जैसे कि ऊंचाई वाले क्षेत्र चाहे वह पेड़ हों या पहाड़ों की चोटी या बिजली के खंभे हों। इसके अलावा, बिजली लंबवत रूप से जमीन से टकराती है और गोलाकार तरीके से चारों ओर फैल जाती है। यह इमारतों के कारण शहरी क्षेत्रों में नहीं फैल सकता है लेकिन गांवों में क्षेत्र साफ है इसलिए यह खेतों पर पड़ता है और पूरे क्षेत्र में फैलता है।”

चिंता का कारण
एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार प्राकृतिक वजहों से होने वाली आकस्मिक मौतों में बिजली गिरने से होने वाली मौतों का एक प्रमुख कारण है।
साल 2020 में, बिजली गिरने से 2,862 लोगों की मौत हुई, जो अन्य ज्ञात कारणों जैसे चक्रवात (37), हीट स्ट्रोक (530) और बाढ़ (959) की तुलना में काफी अधिक है। बिहार (168%), पंजाब (331%) और हरियाणा (164%) जैसे राज्यों में बिजली गिरने की घटनाओं में कई गुना वृद्धि हुई है। यह चिंता का कारण है क्योंकि इन कृषि राज्यों में अधिक लोग हैं जो कृषि गतिविधियों से जुड़े हैं और खुले क्षेत्रों में अधिक समय बिताते हैं।



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Rajinder Nagar bypoll: AAP ने दिल्ली उपचुनाव में एंटी इनमबैंसी से कैसे पाई निजात, जानें

दिल्ली के राजेंद्रनगर उप चुनाव में आप के सामने कई चुनौतियां थी। लेकिन इन सबसे पार पाकर केजरीवाल की पार्टी ने बीजेपी को शिकस्त देकर सीट पर फिर से कब्जा कर लिया। यहां के लोग पानी की समस्या के साथ सड़कों की बदहाली से परेशान हैं। बावजूद इसके कि राजेंद्र नगर से विधायक रहे (अभी राज्यसभा सदस्य) राघव चड्ढा दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष रहे थे। लेकिन फिर भी आप ने बाजी मार ली।

दरअसल आप की जीत के पीछे कई कारण रहे। पार्टी जानती थी कि पानी की समस्या उसे भारी पड़ सकती है। सीएम अरविंद केजरीवाल खुद जब प्रचार के लिए गए तो उन्होंने समस्या का जिक्र कर कहा कि जल्दी इसका समाधान होगा। केजरीवाल का चेहरा आप की ताकत है। प्रचार के दौरान उन्हें आगे करके ही स्लोगन तैयार किया गया था कि केजरीवाल की सरकार, केजरीवाल का विधायक। पार्टी को पता था कि सीएम को सामने रखकर ही वो सारे समीकरण ध्वस्त कर सकती है।

आप सरकार की फ्री बिजली-पानी योजना ने लोअर मिडिल क्लास तबके को अपनी तरफ खींचने का काम किया। दिल्ली में लोगों को फिलहाल 20 हजार लीटर पानी और 200 यूनिट बिजली पर कोई पैसा नहीं देना पड़ रहा है। ये योजना आप के लिए मुफीद साबित हुई। चुनाव में इसका असर साफ दिखा। बीजेपी को चुनाव के दौरान पॉश अर्बन इलाकों जैसे राजेंद्र नगर, न्यू राजेंद्र नगर में समर्थन मिला वहीं आप को लोअर मिडिल क्लास जैसे पांडव नगर, जेजे कालोनी में वोट मिले।

2020 में इस विधानसभा क्षेत्र में 58.72 फीसदी वोट पड़े थे जबकि उप चुनाव के दौरान मतदान 43.75 फीसदी हुआ। राजेंद्र नगर, न्यू राजेंद्र नगर में मतदान कम देखने को मिला जबकि ये इलाके पंजाबी बहुल्य माने जाते हैं। बीजेपी ने राजेश भाटिया को मैदान में उतारा था। वो इसी समुदाय से हैं। आप ने दुर्गेश पाठक को मैदान में उतारा। वो पूर्वांचल के हैं। उन्हें पंजाबियों के अलावा बाकी समुदाय के जमकर वोट मिले।

बीजपी की हार की सबसे बड़ी वजह टिकट के लिए लंबी लाईन होना भी रहा। कई नेता टिकट चाहते थे। उनका नंबर नहीं लगा तो वो चुनाव प्रचार में अनमने ढंग से उतरे। कई तो दिखे ही नहीं। ये चीज बीजेपी की हार का सबसे बड़ा कारण रही।



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Saturday, June 25, 2022

नेशनल हेराल्ड केस: राहुल गांधी से पूछताछ पर बोले अभिषेक मनु सिंघवी, हमारे समय में ईडी थी आजकल इलेक्शन डिपार्टमेंट है, गांधी, गोडसे, कांग्रेस अध्यक्ष पर भी बोले

नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राहुल गांधी से ईडी ने पांच दिनों तक पूछताछ की। इसको लेकर कांग्रेस ने पूरे देश में विरोध प्रदर्शन किया। वहीं राहुल गांधी से हुई ईडी की पूछताछ पर कांग्रेस के दिग्गज नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने एक निजी न्यूज चैनल के प्रोग्राम में पहले और आज की ईडी में अंतर बताया। उन्होंने कहा कि पहले ईडी का मतलब एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट होता था लेकिन आजकल यह इलेक्शन डिपार्टमेंट हो चुका है।

गौरतलब है कि अभिषेक मनु सिंघवी ने शनिवार को जी न्यूज के खास कार्यक्रम Zee Sammelan 2022 में शिरकत की। इस दौरान उनसे एंकर ने सवाल किया कि आपके समय की ईडी और आज की ईडी में क्या फर्क है? जवाब में अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा पहले एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट था और अब इलेक्शन डिपार्टमेंट है।

उन्होंने ईडी के दुरुपयोग की बात कहते हुए कहा, “इस सरकार के आठ साल में सरकारी एजेंसियों का जितना गलत इस्तेमाल हुआ है, उतना आजाद भारत के 75 साल के इतिहास में कभी भी किसी और सरकार में नहीं हुआ।” उन्होंने कहा कि ED जैसी संस्थाएं सरकार की नौकर नहीं हैं, बल्कि वो संविधान की नौकर हैं। सिंघवी ने कहा कि राहुल गांधी को परेशान करने के लिए ईडी ने 5 दिन पूछताछ की।

कांग्रेस अध्यक्ष पर क्या बोले: सिंघवी ने कांग्रेस पार्टी में अध्यक्ष चुनने को लेकर कहा कि मैं मानता हूं आंशिक रूप से कुछ देरी जरुर हुई है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम खत्म हो गये हैं। कांग्रेस मुक्त भारत हो गया है, इन सब बातों का इससे कोई सरोकार नहीं है। बस दो-तीन महीने की बात है। उन्होंने कहा कि पार्टी में अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया चल रही है और उम्मीद है कि इस साल अगस्त और सितंबर तक पार्टी को नया अध्यक्ष मिल जाएगा।

महात्मा गांधी के अपमान पर क्या बोले सिंघवी: बता दें कि ईडी की राहुल गांधी से हुई पूछताछ पर कांग्रेस ने ‘सत्याग्रह’ के नाम से पूरे देश में प्रदर्शन किया। ऐसे में एंकर ने कहा कांग्रेस द्वारा सत्याग्रह शब्द का इस्तेमाल किया जाना महात्मा गांधी का अपमान नहीं है? जवाब में सिंघवी ने कहा कि यह सवाल ही महात्मा गांधी का अपमान है। यह दर्शाता है कि गांधी जी को सही से नहीं पढ़ा गया है।

सिंघवी ने कहा कि ईडी द्वारा राहुल गांधी को जानबूझकर सताया जा रहा है, इसपर भी सत्याग्रह किया जा सकता है। लेकिन यह कैसे कह सकते हैं कि यह गांधी जी का अपमान है। लोग गोड्से की पूजा करते हैं वो गांधी जी अपमान नहीं हैं क्या? लेकिन हमने सत्याग्रह कर दिया तो यह गांधी का अपमान हो गया?

अभिषेक मनु सिंघवी ने मोदी सरकार के आठ साल के कार्यकाल को लेकर कहा कि इस सरकार में आश्चर्य यह है कि काफी असफलताओं के बाद उनका कम्युनिकेश इतना बढ़िया है कि वो उसे छिपा लेते हैं। वहीं यूपीए में जो स्कैम हुए वो कांग्रेस ने नहीं बल्कि गठबंधन की दूसरी पार्टियों ने किए, जिसको लेकर एक्शन भी सरकार ने लिए थे।



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लगातार निशाना बन रही रेल: आंसू गैस, रबर बुलेट, रैपिडिली डिप्‍लॉय करना… रेलवे फोर्स को हम रीवैंप कर रहे हैं, बोले रेल मंत्री अश्विनी वैष्‍णव

जी न्यूज के सम्मेलन में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देश में हो रहे हिंसक प्रदर्शनों के दौरान रेलवे पर हो रहे हमलों को लेकर कहा, हमने प्रदर्शन के दौरान रेल पर हो रहे हमलों को लेकर बात की है। इसके लिए कई सारे उपाय किए गए हैं मैंने इसके बारे में बात भी की है। मैं देश के सभी नौजवानों से इस बात का निवेदन भी करना चाहूंगा कि रेलवे आपकी स्वयं की संपत्ति है आपके राष्ट्र की संपत्ति है। रेलवे को जन-मानस का बिलकुल गरीब से गरीब तबका भी अपने ट्रांसपोटेशन के रूप में उपयोग करता है। तो क्यों ऐसे में आप सब अपनी संपत्ति में तोड़-फोड़ क्यों कर रहे हैं? मैं सबसे इस बात की गुजारिश करता हूं कि आप ऐसा ना करें।

रेल मंत्री ने आगे बताया कि जहां पर भी रेलवे संपत्तियों पर हमले किए जा रहे हैं, वहां पर जितना संभव हो सकेगा उतना ही कड़ा एक्शन लिया जाएगा। अभी पिछले दिनों प्रदर्शन के दौरान जो उपद्रव हुए उसमें कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बहुत सारी जगहों पर केस फाइल किए गए हैं और जो रेलवे की प्रोटेक्शन फोर्स है उसको पूरी तरह से री-रैंपअप किया जाएगा। पिछले काफी लंबे समय से इसमें काफी परिवर्तन लाए गए। रॉयट गियर पहनना, आंसू गैस का व्यवहार करना, रबर की बुलेट का व्यहार करना, रैपिडली डिप्लॉय करना इन सब चीजों को जैसे एक फोर्स की तरह से रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स को और ज्यादा मजबूत किया जाएगा।

रेलवे के मॉर्डनाइजेशनऔर एक्सपेंशन पर प्लान

इसके जवाब में रेलमंत्री ने बताया कि 4 बड़े पहलू हैं जिसमें उन्होंने ये 4 सूत्र बताए।
1- पहला है रेलवे मॉर्डन ट्रेन्स। हमारी ट्रेन में जो टेक्नोलॉजी है वो 1960-70 की दशक की हैं, उसको बदलकर आज की आधुनिक टेक्नोलॉजी का उपयोग करेंगे जो कि यूरोप या विश्व के अन्य देशों के समकक्ष हो।
2-दूसरा रेलवे स्टेशंस का पुनर्निर्माण करना। ये कंप्लीट रीडेवपलपमेंट होना चाहिए छोटा-मोटा सुधार नहीं। रेलवे स्टेशन शहर का एक इंटिग्रल पार्ट बने। रेलवे स्टेशन इस तरह से बने कि वो शहर को जोड़े और शहर का एक प्रॉमिनेंट सिटी सेंटर बने।
3-तीसरा सेफ्टी पर इंडीजिनस टेक्नोलॉजी पर हो रेलवे स्टेशन। जो सुरक्षा को लेकर रेलवे कवच की टेक्नोलॉजी तक हों। रेलवे के ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटक्शन को एक बहुत ही नए लेवल पर लेकर जाना है, इसका मैसिव तौर पर एक्सपेंशन किया जाए।
4-चौथा नेटवर्क को जो कि बहुत सारे अनकवर्ड एरियाज हैं उन सब तक पहुंचाना। तो इस तरह से एक कॉम्प्रिहैंसिव प्लान के तहत रेलवे का मॉर्डनाइजेशन किया जा रहा है।

रेलवे का इन्वेस्टमेंट 40-45 हजार करोड़ से बढ़कर 1 लाख 10 हजार करोड़ तक ले आए: रेलमंत्री ने बताया रेलवे का एक्सपेंशन किया जा रहा है। रेलवे में साल 2014 के पहले मात्र 40 से 45 हजार करोड़ रूपयों का इन्वेस्टमेंट हर साल होता था। इतने बड़े नेटवर्क के लिए 40-45 हजार करोड़ से कुछ नहीं होने वाला था। मोदी जी के सत्ता में आने के बाद सबसे पहले उन्होंने रेलवे इन्वेस्टमेंट को बढ़ा कर 80 हजार से 90 हजार करोड़ किया। जब रेलवे की एब्जॉर्बशन की कैपेसिटी बढ़ने लगी तो इन्वेस्टमेंट बढ़ाकर एक लाख 10 हजार करोड़ तक लेकर आए। पिछले बजट में प्रधानमंत्री ने रेलवे को एक लाख 37 हजार करोड़ का कैपिटल इन्वेस्टमेंट का बजट दिया।

आज की ट्रेनों में बहुत से आमूलचूल परिवर्तन हुए हैं
पिछले कुछ सालों से रेलवे के काम करने की प्रक्रिया बहुत ही क्रांतिकारी बदलाव हुआ है। जैसे कि टेक्नोलॉजी में बदलाव लाना, यूजर एक्सपीरियंस में बदलाव लाना जैसा कि हम सबने अनुभव किया है। आज रेलवे में साफ-सफाई का अपना एक स्तर है। आज ट्रेनों की पंक्चुआलिटी का एक नया स्तर है। अब कैपेसिटी को बहुत बड़ी मात्रा में बढ़ाने की जरूरत है। तो ये जो इन्वेस्टमेंट की साइकिल स्टार्ट हुई है, पिछले 7-8 वर्षों में इसको बनाए रखना है और इसको एक नए स्तर पर लेकर जाना है।

बुलेट ट्रेन के प्रोजेक्ट पर बोले रेलमंत्री
बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर बात करते हुए रेलमंत्री ने बताया, आज लगभग 15 किलोमीटर प्रति माह हर 40 मीटर पर एक स्पैन है तो 15 किलोमीटर का कितने पिलर्स, कितनी फाउंडेशंस, कितने पियर्स हर महीने कास्ट हो रहे हैं सात की सात नदियां हैं जिनके ऊपर पुल बनाने हैं। आप जाकर देखिए अभी कुछ दिन पहले आपके कुछ साथी वहां गए थे। देखिए कितनी तेजी से उसपर काम चल रहा है जैपनीज जो हमारे टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर हैं टेक्नोलॉजी पार्टनर्स हैं वो लोग आश्चर्यचकित हैं कि इतनी तेजी से भी काम चल सकता है।

2026 तक मेट्रो ट्रेन दौड़ती हुई नजर आएगी!
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इतनी जलिटल परियोजना को पूरा होने में समय लगता है सबसे ज्यादा तो उसका डिजाइन तय करने में शुरुआती दौर में। रेलमंत्री ने बताया कि इसमें समय तो लगा लेकिन एक बार जब बातें सुनिश्चित हो गई तो काम ने भी रफ्तार पकड़ ली। रेलमंत्री ने बताया कि जिस तरह से मौजूदा समय मेट्रो प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है उन्होंने कहा, मुझे इस बात का भरोसा है कि आने वाले 2026 तक पहली ट्रेन अपने सूरत से बिलिमोरा के लिए चल पड़ेगी।

रेलवे में स्टार्टअप्स के प्लान पर बोले रेलमंत्री
रेलमंत्री ने बताया अभी हमने प्रधानमंत्री के स्टार्टअप कॉन्सेप्ट के साथ रेलवे को जोड़ा है। उन्होंने कहा हम आपको बताते हैं कैसे युवा रेलवे स्टार्टअप से जुडे़ेंगे। कोई भी स्टार्टअप देश में रेलवे के लिए कोई नई टेक्नोलॉजी अगर इन्वेंट करना चाहता है या फिर विकसित तकनीकी को लागू करना चाहता है तो इसके लिए एक प्रक्रिया बनी है। इस प्रक्रिया में डिफरेंट ये है कि केवल स्टार्टअप ने अपनी टेक्नोलॉजी दिखाई और उसको एक प्राइज मनी दिया इसके बजाए स्टार्टअप जुड़े टेक्नोलॉजी को इंप्लीमेंट करे उसको एक बड़े स्केल पर लागू किया जाए।

नौजवानों से की स्टार्टअप से जुड़ने की अपील
रेल मंत्री ने आगे बताया,उसके बाद में चार वर्षों तक स्टार्टअप रेलवे के साथ उस टेक्नोलॉजी के साथ और स्केलअप करे ताकि भारतीय रेलवे एक बार अगर यूज कर ले तो हमारी जटिलताओं को जो एक बार जीत लेगा उसके लिए तो सारी दुनिया का मार्केट मौजूद रहेगा। इसी सोच के साथ ये पॉलिसी बनाई है और इसका बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। मैं अपने सभी नौजवान साथी जो स्टार्अप्स में काम करने वाले हैं स्टार्टअप बनाने वाले आप सबसे निवेदन करता हूं कि आप तेजी से इसके साथ जुड़े।

भारतीय रेल यात्रियों को 65 हजार करोड़ की सब्सिडी दे रही है
रेलमंत्री ने बताया पिछले कई सालों में रेलवे ने कभी यात्री किराया बढ़ाया ही नहीं है। आज भी रेलवे की पैसेंजर सर्विसेज पर अगर 100 रूपये का खर्च आता है तो रेलवे मात्र 45 या 46 रूपये लेती है यानि 55 फीसदी छूट प्रति पैसेंजर पर पहले से ही है। रेलवे पर पैसेंजर सर्विसेज का सब्सिडी का अमाउंट आप जानोगे तो आप आश्चर्य चकित रहोगे आप कल्पना नहीं कर सकते हैं 65 हजार करोड़ रूपये रेलवे पैसेंजर्स को सब्सिडी दे रहा है। इसकी वजह है वो ये है कि रेलवे की सुविधा आम जनों के लिए है देश के साधारण मानवों के लिए है। इसीलिए बहुत लंबे समय से यात्री किराए बढ़ाए नहीं गए।

रेलमंत्री ने बताया कब फायदे में पहुंच जाएगा रेलवे
रेल मंत्री ने बताया कि हर चीज को नफा और नुकसान से नहीं नापना चाहिए मुझे लगता है कि जिंदगी में बहुत सारे ऐसे एलिमेंट्स होते हैं इंडस्ट्री में भी और सरकार के भी कई ऐसे सेक्टर होते हैं इकोनॉमी के कई ऐसे सेक्टर होते हैं जिसमें नफा नुकसान की बजाए क्या वेलफेयर हो रहा है देश के जनमानस को भारत की जनता को किस तरह से साधारण आम मानवी को अच्छी सुविधा मिल रही है उसपर फोकस करना चाहिए। उन्होंने बताया कि अगर इस साल रेलवे प्रॉफिट में नहीं तो अगली साल जरूर रेलवे एक ब्रेक इवेंट कर पाएगा। किराया तो बढ़ाना नहीं है इस भावना से हम काम भी नहीं करते हैं।



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सितंबर में बंद हो सकती है फ्री राशन योजना, मंत्रालय ने कहा- इसे बंद करें या कर में करें बड़ी कटौती

भारत के राशन कार्ड धारकों को दी जाने वाली फ्री राशन का लाभ जल्‍द ही बंद हो सकता है, क्‍योंकि इस पर वित्त मंत्रालय की ओर से आपत्ति की गई है। कोरोना महामारी में इस योजना की शुरुआत गरीब परिवारों को फ्री में राशन का लाभ देने के लिए शुरू किया गया था, जिसकी अंतिम तारीख 31 मार्च 2022 थी, लेकिन बाद में इसे छह महीने के लिए और बढ़ा दिया था।

कोविड -19 महामारी के दौरान शुरू की गई यह योजना, 80 करोड़ से अधिक लोगों को प्रति माह 5 किलो मुफ्त चावल या गेहूं और 1 किलो साबुत चना प्रति व्यक्ति दिया जाता है। यह राष्‍ट्रीय खाद्य सुर‍क्षा अधिनियम के तहत सब्सिडी वाले राशन के अतिरिक्‍त लाभ है। ईटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, व्यय विभाग ने मंत्रालय से कहा है कि या तो सितंबर में इस योजना को बंद कर दें या सरकार की वित्तीय स्थिति को स्थिर करने के लिए कर में बड़ी कटौती करें।

3.7 लाख करोड़ तक हो सकता है बिल
अपने बजट 2022 के भाषण के दौरान, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2023 के लिए खाद्य सब्सिडी बिल को पिछले साल के 2.86 लाख करोड़ रुपए से घटाकर 2.07 लाख करोड़ रुपए कर दिया था। सितंबर तक भारत का सब्सिडी बिल बजट से बढ़कर 2.87 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद है। ईटी के अनुसार, अगर यह 6 महीने और चलता है, तो बिल बढ़कर 3.7 लाख करोड़ रुपए तक हो सकता है।

वित्तीय संकट का दबाव
देश में महंगाई को कम करने के लिए सरकार के कई कदमों से सरकार की राजकोषीय नीति पर दबाव बढ़ गया है। पेट्रोल और डीजल पर करों में कटौती, उर्वरक सब्सिडी में वृद्धि, खाद्य तेल पर सीमा शुल्क कम करना और रसोई गैस पर सब्सिडी के लागू होने से देश वित्तीय संकट से होकर गुजर रहा है। वही केवल पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती से सरकार को करीब 1 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

राशन से आधार लिंक
गौतलब है कि राशन कार्ड को आधार से लिंक करने के लिए अंतिम समय 30 जून दिया गया है। इसे 31 मार्च से बढ़ाकर 30 जून 2022 तक किया गया है। अगर कोई धारक आधार को राशन से लिंक नहीं करता है तो वह वन नेशन वन राशन कार्ड योजन से वंचित हो सकता है। साथ ही सरकारी योजना का लाभ भी नहीं मिलेगा।



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नेशनल हेराल्ड केस: राहुल गांधी से पूछताछ पर बोले अभिषेक मनु सिंघवी, हमारे समय में ईडी थी आजकल इलेक्शन डिपार्टमेंट है, गांधी, गोडसे, कांग्रेस अध्यक्ष पर भी बोले

नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राहुल गांधी से ईडी ने पांच दिनों तक पूछताछ की। इसको लेकर कांग्रेस ने पूरे देश में विरोध प्रदर्शन किया। वहीं राहुल गांधी से हुई ईडी की पूछताछ पर कांग्रेस के दिग्गज नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने एक निजी न्यूज चैनल के प्रोग्राम में पहले और आज की ईडी में अंतर बताया। उन्होंने कहा कि पहले ईडी का मतलब एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट होता था लेकिन आजकल यह इलेक्शन डिपार्टमेंट हो चुका है।

गौरतलब है कि अभिषेक मनु सिंघवी ने शनिवार को जी न्यूज के खास कार्यक्रम Zee Sammelan 2022 में शिरकत की। इस दौरान उनसे एंकर ने सवाल किया कि आपके समय की ईडी और आज की ईडी में क्या फर्क है? जवाब में अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा पहले एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट था और अब इलेक्शन डिपार्टमेंट है।

उन्होंने ईडी के दुरुपयोग की बात कहते हुए कहा, “इस सरकार के आठ साल में सरकारी एजेंसियों का जितना गलत इस्तेमाल हुआ है, उतना आजाद भारत के 75 साल के इतिहास में कभी भी किसी और सरकार में नहीं हुआ।” उन्होंने कहा कि ED जैसी संस्थाएं सरकार की नौकर नहीं हैं, बल्कि वो संविधान की नौकर हैं। सिंघवी ने कहा कि राहुल गांधी को परेशान करने के लिए ईडी ने 5 दिन पूछताछ की।

कांग्रेस अध्यक्ष पर क्या बोले: सिंघवी ने कांग्रेस पार्टी में अध्यक्ष चुनने को लेकर कहा कि मैं मानता हूं आंशिक रूप से कुछ देरी जरुर हुई है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम खत्म हो गये हैं। कांग्रेस मुक्त भारत हो गया है, इन सब बातों का इससे कोई सरोकार नहीं है। बस दो-तीन महीने की बात है। उन्होंने कहा कि पार्टी में अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया चल रही है और उम्मीद है कि इस साल अगस्त और सितंबर तक पार्टी को नया अध्यक्ष मिल जाएगा।

महात्मा गांधी के अपमान पर क्या बोले सिंघवी: बता दें कि ईडी की राहुल गांधी से हुई पूछताछ पर कांग्रेस ने ‘सत्याग्रह’ के नाम से पूरे देश में प्रदर्शन किया। ऐसे में एंकर ने कहा कांग्रेस द्वारा सत्याग्रह शब्द का इस्तेमाल किया जाना महात्मा गांधी का अपमान नहीं है? जवाब में सिंघवी ने कहा कि यह सवाल ही महात्मा गांधी का अपमान है। यह दर्शाता है कि गांधी जी को सही से नहीं पढ़ा गया है।

सिंघवी ने कहा कि ईडी द्वारा राहुल गांधी को जानबूझकर सताया जा रहा है, इसपर भी सत्याग्रह किया जा सकता है। लेकिन यह कैसे कह सकते हैं कि यह गांधी जी का अपमान है। लोग गोड्से की पूजा करते हैं वो गांधी जी अपमान नहीं हैं क्या? लेकिन हमने सत्याग्रह कर दिया तो यह गांधी का अपमान हो गया?

अभिषेक मनु सिंघवी ने मोदी सरकार के आठ साल के कार्यकाल को लेकर कहा कि इस सरकार में आश्चर्य यह है कि काफी असफलताओं के बाद उनका कम्युनिकेश इतना बढ़िया है कि वो उसे छिपा लेते हैं। वहीं यूपीए में जो स्कैम हुए वो कांग्रेस ने नहीं बल्कि गठबंधन की दूसरी पार्टियों ने किए, जिसको लेकर एक्शन भी सरकार ने लिए थे।



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महाराष्ट्र में बगावत के बीच गडकरी का उद्धव को संदेश, शिवसेना और बीजेपी साथ आएंगे तो खुशी होगी

महाराष्ट्र में शिवसेना के अंदर आए सियासी भूचाल के बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भाजपा और शिवसेना के संबंधों को लेकर कहा कि हिंदुत्व की राजनीति दोनों पार्टियों के लिए एक विचारों का धागा है। उन्होंने कहा कि जब-जब शिवसेना टूटी या जब राज ठाकरे और उद्धव भी अलग हुए, तब भी मैंने कोशिश की कि शिवसेना एक कैसे हो और हम मिलकर देश के लिए काम करें। उन्होंने कहा कि भाजपा-शिवसेना साथ आए तो खुशी होगी।

बता दें कि जी न्यूज के खास कार्यक्रम Zee Sammelan 2022 में नितिन गडकरी ने शिवसेना को लेकर कहा कि दुर्भाग्य यह रहा कि कई बार शिवसेना टूटी और लोग पार्टी से अलग जाते रहे। लेकिन जो लोग हिंदुत्व को प्रेम करते हैं, और मुझ जैसे लोग जो बालासाहेब से प्यार करते हैं वो शिवसेना को टूटते देख खुश नहीं होते। उन्हें दुख ही होता है।

गडकरी ने कहा कि भाजपा एक लोकतांत्रतिक पार्टी है, यह पार्टी किसी पिता-पुत्र या मां-बेटों की पार्टी नहीं है। हमारी पार्टी का संविधान है और इसका फैसला सामूहिक रूप से होता है। उसी के हिसाब से आजतक चलती आई है और आगे भी चलती रहेगी।

शिवसेना से एकनाथ शिंदे की बगावत को लेकर नितिन गडकरी ने कहा कि शिवसेना में लोग टूट रहे हैं, इसका जवाब तो शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ही दे पाएंगे, क्योंकि ये उनकी पार्टी का आंतरिक मामला है। लेकिन मेरा यही कहना है कि शिवसेना जब-जब भी अलग हुई, हर समय मैंने उसे एक करने की कोशिश की।

भाजपा-शिवसेना साथ आए तो खुशी होगी: गडकरी ने कहा कि मैंने बालासाहेब के नेतृत्व में काम किया है। मेरे प्रति उनका बहुत स्नेह था। मैं उन्हें आज भी मानता हूं। परिस्थितियां आज कुछ भी हों लेकिन भाजपा और शिवसेना अगर साथ आती है तो मेरे जैसे व्यक्ति को आनंद होगा। लेकिन आज वो परिस्थिति काफी दूर लग रही है। यह आने वाला समय बतायेगा।

बागी विधायकों पर क्या बोले उद्धव ठाकरे: शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पार्टी के बागी विधायकों को लेकर शनिवार को कहा कि कुछ लोग मुझसे बागी विधायकों के लिए कुछ कहने के लिए कह रहे हैं लेकिन मैं पहले ही कह चुका हूं कि वे (बागी विधायक) जो करना चाहते हैं कर सकते हैं, मैं उनके मामलों में दखल नहीं दूंगा। वे अपना फैसला खुद ले सकते हैं, लेकिन किसी को भी बालासाहेब ठाकरे के नाम का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

संजय राउत ने बताया कि उद्धव ठाकरे ने कहा है कि जो लोग छोड़कर गए हैं, वे शिवसेना के नाम से वोट मत मांगे और अगर वोट मांगते हैं तो अपने खुद के बाप के नाम पर मांगे। शिवसेना के बाप बालासाहेब ठाकरे के नाम पर वोट मत मांगे।



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नूपुर शर्मा पर एक्शन को मुख्तार अब्बास नकवी ने बताया पार्टी का कमिटमेंट, पहले ये कमिटमेंट क्यों नहीं दिखा? यह पूछने पर दिया ये जवाब

भाजपा ने नूपुर शर्मा को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है। बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने हाल ही में पैगंबर मोहम्मद को लेकर एक लाइव टीवी डिबेट में विवादित बयान दिया था जिसका काफी विरोध हुआ था। दूसरे देशों ने भी इस बयान की निंदा की थी। ‘जी न्यूज सम्मेलन’ के दौरान नूपुर शर्मा के खिलाफ की गई कार्रवाई से जुड़ा एक सवाल केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी से किया गया।

भाजपा नेता से पूछा गया कि नूपुर शर्मा पर कार्रवाई तब की गई जब लगा कि अलग-अलग तरह का प्रेशर था, अलग-अलग देशों से भी लोग आलोचना कर रहे हैं। इस पर नकवी ने कहा, “ये देश कठमुल्लाओं, अलकायदा और पाकिस्तान के प्रेशर से नहीं चलता है। हमारा अपना कमिटमेंट है और हम अपने कमिटमेंट के प्रति प्रतिबद्ध हैं। हिंदुस्तान में किसी के दबाव में फैसला नहीं होता।” इस पर जनसत्ता डॉट कॉम के एडिटर विजय कुमार झा ने नकवी से सवाल किया, “ये कमिटमेंट पहले क्यों नहीं दिखा जब आपके नेताओं और विधायकों ने इससे भी बड़ी-बड़ी बातें की थीं।”

इस पर केंद्रीय मंत्री ने जवाब देते हुए कहा, “इससे बड़ी-बड़ी बातें तो और लोग भी करते हैं। क्या करें चौराहे पर खड़ा करके फांसी लगा दें?” उन्होंने आगे कहा, “इस तरह की घटना को किसी ने जस्टिफाई नहीं किया और न सरकार ने जस्टिफाई किया। न आप लोगों (मीडिया) ने जस्टिफाई किया। यही तो देश है हमारा।”

विजय कुमार झा ने इसके बाद नकवी से पूछा, “आपने योजनाएं गिनाकर बताया कि अल्पसंख्यकों को भागीदार बनाया गया, तो राजनीति में कितना भागीदार बनाया गया क्योंकि 7 तारीख को आप राज्यसभा से रुखसत होंगे तो उसके बाद संसद मुस्लिम-मुक्त हो जाएगी।” इस सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा, “आप कैसे कह सकते हैं कि रुखसती होगी।” वहीं, उनसे पूछा गया, “भविष्य की योजना क्या है? क्या एक बड़े संवैधानिक पद पर मुख्तार अब्बास नकवी पर आसीन होने वाले हैं?”

मुख्तार अब्बास नकवी ने इस सवाल पर पार्टी के साथ अपने लंबे राजनीतिक सफर का जिक्र हुए कहा, “हर सफर सादगी के साथ हो, सफलता के साथ हो, संकल्प के साथ हो, सहजता के साथ हो… .यही होना चाहिए और यही हम करते हैं।” वहीं, विजय कुमार झा ने पूछा कि राजनीति में मुस्लिमों की भागीदारी बढ़ाने के लिए भाजपा ने क्या किया? नकवी ने इस पर कहा, “मुस्लिमों की भागीदारी, हिंदुओं की भागीदारी ये सरकार नहीं देखती है, हिंदुस्तानियों की भागीदारी देखती है।”



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बागी जो करना चाहते हैं करें, लेकिन बालासाहेब का नाम नहीं कर सकते इस्तेमाल- उद्धव ने शिंदे गुट को चेताया, चुनौती भी दे दी

महाराष्ट्र में सियासी संग्राम के बीच शनिवार को कई जगहों पर शिवसेना कार्यकर्ताओं ने बागी नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की। इस बीच मुंबई में किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी है। वहीं शिवसेना के बागी विधायकों को लेकर महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा है कि वे (बागी विधायक) जो चाहें कर सकते हैं। उनके मामलों में मैं दखल नहीं दूंगा। उन्हें अपना फैसला खुद लेना है।

सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि कुछ लोग मुझसे बागी विधायकों के लिए कुछ कहने के लिए कह रहे हैं लेकिन मैं पहले ही कह चुका हूं कि वे (बागी विधायक) जो करना चाहते हैं कर सकते हैं, मैं उनके मामलों में दखल नहीं दूंगा। वे अपना फैसला खुद ले सकते हैं, लेकिन किसी को भी बालासाहेब ठाकरे के नाम का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

उद्धव ने गुवाहाटी में मौजूद बागी विधायकों को चुनौती देते हुए कहा कि एकनाथ शिंदे बालासाहेब ठाकरे के नाम के बिना वोट मांग कर दिखाएं। उन्होंने कहा कि शिवसेना बालासाहेब ठाकरे की थी और उन्हीं की हमेशा रहेगी।

संजय राउत ने बताया कि उद्धव ठाकरे ने कहा है कि जो लोग छोड़कर गए हैं, वे शिवसेना के नाम से वोट मत मांगे और अगर वोट मांगते हैं तो अपने खुद के बाप के नाम पर मांगे। शिवसेना के बाप बालासाहेब ठाकरे के नाम पर वोट मत मांगे।

शिंदे गुट की बढ़ सकती है मुसीबतें: महाराष्ट्र विधानसभा के डिप्टी स्पीकर ने असम में गुवाहाटी के एक होटल में रह रहे एकनाथ शिंदे खेमे के 16 बागी शिवसेना विधायकों की अयोग्यता को लेकर नोटिस जारी किया।

गौरतलब है कि शिवसेना के बागी विधायकों ने एकनाथ शिंदे की अगुवाई में अपने गुट के नाम का “शिवसेना बालासाहेब” रखने का फैसला किया है। न्यूज एजेंसी एएनआई को जानकारी देते हुए शिवसेना के बागी विधायक दीपक केसरकर ने बताया कि एकनाथ शिंदे कैंप के विधायकों ने अपने गुट का नाम बालासाहेब के नाम पर रखा है।

वहीं कांग्रेस महाराष्ट्र में चल रहे सियासी घटनाक्रम पर अपनी नजर बनाए हुए है। राज्य के पूर्व सीएम अशोक चव्हाण ने एकनाथ शिंदे गुट को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि स्पीकर से जब तक कानूनी अनुमति नहीं देते, तब तक इस तरह के समूहों को अधिकृत नहीं माना जाएगा।

दरअसल एक तरफ जहां बागी विधायकों ने अपने गुट का नाम शिवसेना बालासाहेब के नाम पर रखने का फैसला किया है तो वहीं शिवसेना ने चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखकर बालासाहेब के नाम के इस्तेमाल पर रोक लगाने की अपील की है।

संजय राउत का आग लगाने वाला बयान: शनिवार की सुबह शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा था कि अभी शिवसैनिक सड़कों पर नहीं उतरे हैं, अगर ऐसा हुआ तो आग लग जाएगी। संजय राउत ने कहा कि सांगली से हमारे कार्यकर्ता हमारे पास आए और पूछा कि हमें आगे क्या करना है?



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Friday, June 24, 2022

राष्ट्रपति चुनाव: द्रौपदी मुर्मू ने ममता बनर्जी से मांगा समर्थन, जानें टीएमसी प्रमुख ने क्या कहा?

भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए की तरफ से राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा के कई दिग्गज नेता मौजदू रहे। द्रौपदी मुर्मू के नामांकन में पीएम मोदी प्रस्तावक बने जबकि राजनाथ सिंह अनुमोदक बने। वहीं, एनडीए की राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू ने टीएमसी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी से समर्थन की अपील की।

मुर्मू ने ममता बनर्जी से फोन पर बात की और अपनी उम्मीदवारी का समर्थन करने की अपील की। इसके अलावा, द्रौपदी मुर्मू ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और एनसीपी प्रमुख शरद पवार से भी फोन पर बात की और उनसे राष्ट्रपति चुनाव में अपनी उम्मीदवारी का समर्थन करने की अपील की। पीटीआई के मुताबिक, ममता बनर्जी समेत तीनों नेताओं ने मुर्मू को शुभकामनाएं दी हैं। हालांकि, ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति चुनाव में उनको समर्थन देने पर कुछ नहीं कहा। बता दें कि टीएमसी से इस्तीफा देने वाले यशवंत सिन्हा को विपक्ष ने राष्ट्रपति पद के लिए साक्षा उम्मीदवार घोषित किया है।

द्रौपदी मुर्मू ओडिशा से गुरुवार को दिल्ली पहुंची थी और उन्होंने पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह के अलावा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी। मुर्मू के नामांकन के दौरान भाजपा के नेताओं के अलावा, वाईएसआर कांग्रेस के विजयसाई रेड्डी, ओड़िशा की बीजू जनता दल सरकार के दो मंत्री और उसके नेता सस्मित पात्रा, अन्नाद्रमुक नेता ओ. पनीरसेल्वम और थम्बी दुरई और जनता दल (यूनाईटेड) के राजीव रंजन सिंह भी मौजूद थे।

राष्ट्रपति पद के लिए मतदान 18 जुलाई को होगा। चुनाव जीतने पर मुर्मू देश की पहली आदिवासी और दूसरी महिला राष्ट्रपति होंगी। नवीन पटनायक की बीजेडी और जगन मोहन रेड्डी की पार्टी वाईएसआर कांग्रेस के समर्थन के बाद मुर्मू बहुमत के आंकड़े को पार करती दिखाई दे रही हैं। वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है।



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नीति आयोग के नए सीईओ होंगे परमेश्वरन अय्यर, रॉ सचिव को एक साल का सेवा विस्तार

नरेंद्र मोदी सरकार ने तीन शुक्रवार को तीन बड़ी नियुक्तियां की हैं। आईपीएस तपन कुमार डेका को अगला आईबी चीफ नियुक्त किया गया है। वह अरविंद कुमार की जगह लेंगे, जिनका विस्तारित कार्यकाल 30 जून को समाप्त हो रहा है। वहीं, परमेश्वरन अय्यर नीति आयोग के अगले सीईओ नियुक्त किए गए हैं। 30 जून को अमिताभ कांत का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। उसके बाद वे इस पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनका कार्यकाल दो साल का रहने वाला है। इसके अलावा, रॉ सचिव सामंत कुमार गोयल को भी एक साल का सेवा विस्तार दिया गया है।

अमिताभ कांत को 2016 में नीति आयोग का सीईओ नियुक्त किया गया था और इसके बाद तीन बार उनको सेवा विस्तार दिया गया। अब उनका कार्यकाल 30 जून को समाप्त हो रहा है, जिसके बाद आईएएस परमेश्वरन अय्यर नीति आयोग के अगले सीईओ की जिम्मेदारी संभालेंगे।

परमेश्वरन अय्यर उत्तर प्रदेश कैडर के 1981 बैच के IAS अधिकारी हैं। उन्होंने साल 2009 में भारतीय सिविल सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी और उसके बाद वे वर्ल्ड बैंक के साथ जुड़ गए थे। वहां वे वॉटर रिसोर्स मैनेजर के तौर पर काम कर रहे थे। वह संयुक्त राष्ट्र में वरिष्ठ ग्रामीण जल स्वच्छता विशेषज्ञ के रूप में भी काम कर चुके हैं। कार्मिक मंत्रालय के आदेश में कहा गया है कि अय्यर की नियुक्ति (नीति आयोग के सीईओ) उन्हीं नियमों और शर्तों पर की गई है, जो कांत के लिए लागू थीं।

आईपीएस तपन कुमार डेका हिमाचल प्रदेश कैडर के अधिकारी: आईपीएस तपन कुमार डेका फिलहाल आईबी की अभियान शाखा की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वह दो साल के लिए आईबी के प्रमुख नियुक्त किये गए हैं। वह हिमाचल प्रदेश कैडर के 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। इसके अलावा, मंत्रालय ने एक अन्य आदेश में कहा कि ‘रिसर्च एंड एनालिसिस विंग’ (रॉ) का नेतृत्व कर रहे सामंत गोयल का कार्यकाल और एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है।



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Weather Update: दिल्ली-NCR में आज चढ़ेगा पारा, महाराष्‍ट्र, एमपी, बिहार समेत इन राज्यों में बारिश का अलर्ट; जानें देशभर के मौसम का हाल

मॉनसून आने को है और कई राज्यों में बारिश ने मौसम सुहावना भी कर दिया है। दिल्ली-एनसीआर में अभी मॉनसूनी बारिश की शुरुआत नहीं हुई है मौसम विभाग के अनुसार 24 जून को दिल्ली-एनसीआर में तापमान बढ़ने की उम्मीदें हैं जिसकी वजह से गर्मी और उमस का मौसम रहेगा। न्यूनतम तापमान 25 डिग्री और अधिकतम तापमान 39 डिग्री से भी ज्यादा जाने की उम्मीद है। हालांकि,आईएमडी ने दिल्ली-एनसीआर में मॉनसून को लेकर राहत भरी खबर दी है।

आईएमडी ने बताया कि आगामी 27 जून तक दिल्ली-एनसीआर में मॉनसून दस्तक दे सकता है। जिसके बाद दिल्ली-एनसीआर में भी कई दिनों तक लगातार बारिश होने की संभावनाएं जताई जा रही है अब राजधानी वासियों को मॉनसून का आनंद लेने के लिए ज्यादा नहीं महज 4 दिनों का इंतजार करना होगा।

जानिए उत्तर प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम?
उत्तर प्रदेश में फिलहाल मौसम सामान्य रहेगा। राजधानी लखनऊ में आज न्यूनतम तापमान 27 डिग्री और अधिकतम तापमान 39 रहने का अनुमान बताया है। दिल्ली से सटे हुए गाजियाबाद में आज न्यूनतम तापमान 26 डिग्री और अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस का अनुमान लगाया गया है।

देश के इन राज्यों में IMD ने किया बारिश का अलर्ट
देश के कई हिस्सों में मॉनसून दस्तक दे चुका है। और इन राज्यों में मॉनसून की दस्तक के बाद बारिश भी शुरू हो चुकी है जबकि अभी भी कई राज्यों को मॉनसून का इंतजार है। वहीं देश के कुछ राज्यों में आज मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया है। मध्य प्रदेश, गुजरात, बिहार और झारखंड राज्यों में आज बारिश की संभावना है।

महाराष्ट्र में अगले तीन दिनों में बारिश का अलर्ट
महाराष्ट्र में अगले तीनो दिनों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने बताया महाराष्ट्र के कई जिलों में अगले तीन दिनों तक बारिश की संभावना है। राजधानी मुंबई में अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री बने रहने का अनुमान है जबकि बारिश की संभावना बनी रहेगी। वहीं पुणे की बात करें तो बादल छाए रहेंगे और सामान्य बारिश की संभावना है। नागपुर में अधितकम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है बारिश की संभावना है। नागपुर, औरंगाबाद और नासिक में भी बारिश का अलर्ट है।

मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश की संभावना
मध्य प्रदेश के भोपाल में आज न्यूनतम तापमान 23 डिग्री और अधिकतम तापमान 37 डिग्री रह सकता है. आज भोपाल में गरज के साथ बारिश के भी आसार हैं. गुजरात के अहमदाबाद में आज न्यूनतम तापमान 26 डिग्री और अधिकतम तापमान 36 डिग्री रहेगा.अहमदाबाद में आज बादल छाए रहेंगे और साथ ही हल्की बारिश हो सकती है.

मध्य प्रदेश मॉनसून धीरे-धीरे सक्रिय होता जा रहा है में अगले 24 घंटे में मध्यम से भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया है। सिवनी, मंडला छिंदवाड़ा और बैतूल सहित कई जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा मौसम विभाग ने बताया कि मध्य प्रदेश के शहडोल, भोपाल, नर्मदापुरम इंदौर और उज्जैन जिलों में भी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

बिहार में कैसा रहेगा मौसम
बात करें बिहार की तो यहां पर मॉनसून हिट कर चुका है बिहार के कई जिलों में बारिश की खबरें आई हैं। बारिश के चलते बिहार में तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से निजात मिली है।

मौसम विभाग ने दिया ये अपडेट
कुल मिलाकर मौसम विभाग ने जानकारी देते हुए बताया है कि आगामी 5 दिनों के भीतर पश्चिमी तट के तेज बारिश जारी रहने की गई जानकारी के मुताबिक, अगले 5 दिनों के दौरान पश्चिमी तट पर तेज बारिश जारी रहने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई इलाकों में 25 जून तक हल्की बारिश होने की संभावना है।



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Weather Update: दिल्ली-NCR में आज चढ़ेगा पारा, महाराष्‍ट्र, एमपी, बिहार समेत इन राज्यों में बारिश का अलर्ट; जानें देशभर के मौसम का हाल

मॉनसून आने को है और कई राज्यों में बारिश ने मौसम सुहावना भी कर दिया है। दिल्ली-एनसीआर में अभी मॉनसूनी बारिश की शुरुआत नहीं हुई है मौसम विभाग के अनुसार 24 जून को दिल्ली-एनसीआर में तापमान बढ़ने की उम्मीदें हैं जिसकी वजह से गर्मी और उमस का मौसम रहेगा। न्यूनतम तापमान 25 डिग्री और अधिकतम तापमान 39 डिग्री से भी ज्यादा जाने की उम्मीद है। हालांकि,आईएमडी ने दिल्ली-एनसीआर में मॉनसून को लेकर राहत भरी खबर दी है।

आईएमडी ने बताया कि आगामी 27 जून तक दिल्ली-एनसीआर में मॉनसून दस्तक दे सकता है। जिसके बाद दिल्ली-एनसीआर में भी कई दिनों तक लगातार बारिश होने की संभावनाएं जताई जा रही है अब राजधानी वासियों को मॉनसून का आनंद लेने के लिए ज्यादा नहीं महज 4 दिनों का इंतजार करना होगा।

जानिए उत्तर प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम?
उत्तर प्रदेश में फिलहाल मौसम सामान्य रहेगा। राजधानी लखनऊ में आज न्यूनतम तापमान 27 डिग्री और अधिकतम तापमान 39 रहने का अनुमान बताया है। दिल्ली से सटे हुए गाजियाबाद में आज न्यूनतम तापमान 26 डिग्री और अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस का अनुमान लगाया गया है।

देश के इन राज्यों में IMD ने किया बारिश का अलर्ट
देश के कई हिस्सों में मॉनसून दस्तक दे चुका है। और इन राज्यों में मॉनसून की दस्तक के बाद बारिश भी शुरू हो चुकी है जबकि अभी भी कई राज्यों को मॉनसून का इंतजार है। वहीं देश के कुछ राज्यों में आज मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया है। मध्य प्रदेश, गुजरात, बिहार और झारखंड राज्यों में आज बारिश की संभावना है।

महाराष्ट्र में अगले तीन दिनों में बारिश का अलर्ट
महाराष्ट्र में अगले तीनो दिनों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने बताया महाराष्ट्र के कई जिलों में अगले तीन दिनों तक बारिश की संभावना है। राजधानी मुंबई में अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री बने रहने का अनुमान है जबकि बारिश की संभावना बनी रहेगी। वहीं पुणे की बात करें तो बादल छाए रहेंगे और सामान्य बारिश की संभावना है। नागपुर में अधितकम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है बारिश की संभावना है। नागपुर, औरंगाबाद और नासिक में भी बारिश का अलर्ट है।

मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश की संभावना
मध्य प्रदेश के भोपाल में आज न्यूनतम तापमान 23 डिग्री और अधिकतम तापमान 37 डिग्री रह सकता है. आज भोपाल में गरज के साथ बारिश के भी आसार हैं. गुजरात के अहमदाबाद में आज न्यूनतम तापमान 26 डिग्री और अधिकतम तापमान 36 डिग्री रहेगा.अहमदाबाद में आज बादल छाए रहेंगे और साथ ही हल्की बारिश हो सकती है.

मध्य प्रदेश मॉनसून धीरे-धीरे सक्रिय होता जा रहा है में अगले 24 घंटे में मध्यम से भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया है। सिवनी, मंडला छिंदवाड़ा और बैतूल सहित कई जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा मौसम विभाग ने बताया कि मध्य प्रदेश के शहडोल, भोपाल, नर्मदापुरम इंदौर और उज्जैन जिलों में भी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

बिहार में कैसा रहेगा मौसम
बात करें बिहार की तो यहां पर मॉनसून हिट कर चुका है बिहार के कई जिलों में बारिश की खबरें आई हैं। बारिश के चलते बिहार में तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से निजात मिली है।

मौसम विभाग ने दिया ये अपडेट
कुल मिलाकर मौसम विभाग ने जानकारी देते हुए बताया है कि आगामी 5 दिनों के भीतर पश्चिमी तट के तेज बारिश जारी रहने की गई जानकारी के मुताबिक, अगले 5 दिनों के दौरान पश्चिमी तट पर तेज बारिश जारी रहने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई इलाकों में 25 जून तक हल्की बारिश होने की संभावना है।



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राष्ट्रपति चुनाव: द्रौपदी मुर्मू ने ममता बनर्जी से मांगा समर्थन, जानें टीएमसी प्रमुख ने क्या कहा?

भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए की तरफ से राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा के कई दिग्गज नेता मौजदू रहे। द्रौपदी मुर्मू के नामांकन में पीएम मोदी प्रस्तावक बने जबकि राजनाथ सिंह अनुमोदक बने। वहीं, एनडीए की राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू ने टीएमसी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी से समर्थन की अपील की।

मुर्मू ने ममता बनर्जी से फोन पर बात की और अपनी उम्मीदवारी का समर्थन करने की अपील की। इसके अलावा, द्रौपदी मुर्मू ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और एनसीपी प्रमुख शरद पवार से भी फोन पर बात की और उनसे राष्ट्रपति चुनाव में अपनी उम्मीदवारी का समर्थन करने की अपील की। पीटीआई के मुताबिक, ममता बनर्जी समेत तीनों नेताओं ने मुर्मू को शुभकामनाएं दी हैं। हालांकि, ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति चुनाव में उनको समर्थन देने पर कुछ नहीं कहा। बता दें कि टीएमसी से इस्तीफा देने वाले यशवंत सिन्हा को विपक्ष ने राष्ट्रपति पद के लिए साक्षा उम्मीदवार घोषित किया है।

द्रौपदी मुर्मू ओडिशा से गुरुवार को दिल्ली पहुंची थी और उन्होंने पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह के अलावा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी। मुर्मू के नामांकन के दौरान भाजपा के नेताओं के अलावा, वाईएसआर कांग्रेस के विजयसाई रेड्डी, ओड़िशा की बीजू जनता दल सरकार के दो मंत्री और उसके नेता सस्मित पात्रा, अन्नाद्रमुक नेता ओ. पनीरसेल्वम और थम्बी दुरई और जनता दल (यूनाईटेड) के राजीव रंजन सिंह भी मौजूद थे।

राष्ट्रपति पद के लिए मतदान 18 जुलाई को होगा। चुनाव जीतने पर मुर्मू देश की पहली आदिवासी और दूसरी महिला राष्ट्रपति होंगी। नवीन पटनायक की बीजेडी और जगन मोहन रेड्डी की पार्टी वाईएसआर कांग्रेस के समर्थन के बाद मुर्मू बहुमत के आंकड़े को पार करती दिखाई दे रही हैं। वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है।



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Monkeypox In India: केरल में मिला मंकीपॉक्स का दूसरा केस, दुबई से पिछले हफ्ते लौटा था शख्स

monkeypox second case confirmed in kerala केरल में मंकीपॉक्स का दूसरा मामला सामने आया है। सूबे के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि दुबई से प...