2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव को जीतने को लेकर कांग्रेस और भाजपा अपनी रणनीति बनाने में लग गई हैं। इसमें जहां कांग्रेस युवाओं को लुभाने की रणनीति पर फोकस कर रही है तो वहीं भाजपा के टारगेट पर अल्पसंख्यक समुदाय है। बता दें कि संगठन में अहम बदलाव को लेकर कांग्रेस की तरफ से राजस्थान के उदयपुर में तीन दिवसीय चिंतन शिविर होगा। जिसमें 430 प्रतिनिधि शामिल होंगे।
कांग्रेस का चिंतन शिविर: तीन दिवसीय “चिंतन शिविर” से पहले पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा नियुक्त युवा नेताओं के एक पैनल ने पार्टी को सुझाव दिया है कि पार्टी खुद को युवा संगठन के रूप में रीब्रांड करे और अपने दृष्टिकोण पर मजबूती से काम करे। शिविर में 430 प्रतिनिधियों को छह समूहों में बांटा गया है।
ये सभी पार्टी की संगठनात्मक और राजनीतिक चुनौतियों और अर्थव्यवस्था, सामाजिक न्याय, अर्थव्यवस्था और युवाओं और सशक्तिकरण से संबंधित मुद्दों पर एक साथ विचार-विमर्श करेंगे। गौरतलब है कि इन छह समूहों ने पार्टी हित में एक खाका तैयार किया है, जिसपर पार्टी शिविर के अंतिम दिन चर्चा करेगी।
इस शिविर में पार्टी युवाओं को लुभाने और अपने साथ जोड़ने के लिए रणनीति बनाने पर विचार करेगी। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग की अध्यक्षता वाली युवा और अधिकारिता समिति ने अपनी तरफ से सुझाव दिया है कि कांग्रेस को सभी स्तरों पर अधिक से अधिक युवाओं को संगठन के साथ जोड़ना चाहिए। सुझाव में कहा गया है कि पार्टी को एक युवा संगठन के रूप में पेश करना चाहिए। इसके साथ-साथ युवाओं को प्रभावित करने वाले मुद्दों को भी रखना चाहिए।
समिति का प्रस्ताव है कि 50 साल से कम उम्र के लोगों के लिए 50 फीसदी आरक्षण संगठनात्मक पदों के लिए हो। इसके अलावा 40 साल से कम उम्र के लोगों पर चुनाव के लिए टिकट आवंटन के दौरान गौर करना चाहिए। जिसमें स्थानीय निकाय चुनावों से लेकर विधानसभा तक और संसदीय चुनाव भी शामिल हैं।
बता दें कि चिंतन शिविर में शामिल होने वाले कुल 430 प्रतिनिधियों में सीडब्ल्यूसी के सभी सदस्य, सांसद, विधायक दल के नेता, राष्ट्रीय सचिवों के साथ युवक कांग्रेस, पूर्व केंद्रीय मंत्रियों, प्रदेश अध्यक्ष, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस के सभी राष्ट्रीय पदाधिकारी शामिल है। वहीं कुछ ऐसे नेताओं को भी आमंत्रण भेजा गया है जो किसी पद पर नहीं है।
अल्पसंख्यकों को साधने पर BJP का फोकस: भाजपा शासित राज्यों में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाए जाने के आरोपों के बीच सत्ताधारी पार्टी अल्पसंख्यक समुदायों को अपने साथ लाने की योजना पर काम कर रही है। दरअसल भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने हर राज्य में पार्टी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठों को 6 जून से 8 जून तक समुदायों के साथ कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया है।
केंद्र में भाजपा की सत्ता को 8 साल हो गये हैं। ऐसे में आठवीं वर्षगांठ मनाने के लिए भाजपा ने सभी राज्य इकाइयों को एक दिशा-निर्देशों की एक पुस्तिका भेजी है। जिसमें केंद्रीय नेतृत्व ने निर्देश दिए हैं कि मोदी सरकार द्वारा उठाए कदम और योजनाओं को अल्पसंख्यक विभागों अल्पसंख्यक समुदायों तक पहुंचाए। कहा गया है कि अल्पसंख्यक समुदाय को केंद्र के कार्यक्रमों से अवगत कराएं।
26 पेज की इस पुस्तिका का शीर्षक ‘8 साल: सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण’ है। इसके जरिए 30 मई से 15 जून तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने और लोगों को केंद्र के कार्यक्रमों को और उनकी उपलब्धियों को अवगत कराने के लिए कहा गया है।
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