Saturday, March 27, 2021

दस महीने बाद भी मृत्यु प्रमाणपत्र का इंतजार, पूर्णबंदी के दौरान रेल हादसे के शिकार मजदूरों के परिवार बेहाल

औरंगाबाद जिले में रेल की पटरियों पर सो रहे 16 प्रवासी मजदूरों की पिछले साल आठ मई को एक मालगाड़ी की चपेट में आने से मौत हो गई थी। ये सभी महाराष्ट्र के जालना की एक स्टील फैक्टरी मेंकाम करते थे। और पूर्णबंदी के कारण बेरोजगार होने के बाद रेल की पटरियों के किनारे-किनारे पैदल चल कर मध्य प्रदेश में अपने घरों को लौट रहे थे। थकान के कारण पटरियों पर ही सो गए थे और ट्रेन की चपेट में आने से इनकी मौत हो गई थी।

from Jansattaराष्ट्रीय – Jansatta https://ift.tt/3dgOlbE

No comments:

Post a Comment