17 जनवरी को देश को विस्तृत परामर्श दे दिया था। प्रवेश बिंदुओं पर सब जगह सतर्कता बरतनी शुरू कर दी थी। हवाई अड्डों पर, बंदरगाहों पर, सीमाओं पर सामुदायिक निगरानी शुरू कर दी थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने तो 30 जनवरी को इसको अंतरराष्ट्रीय आपात स्थिति घोषित किया था। मैं यहां यह कह रहा हूं कि हम पहले दिन से ही सक्रिय हो गए थे। भविष्य की कल्पना करके।
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