पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके तर्पण के निमित्त श्राद्ध किया जाता है। यहां श्राद्ध का अर्थ श्रद्धापूर्वक अपने पितरों के प्रति सम्मान प्रकट करने से है। इस साल श्राद्ध 2 सितंबर से शुरू होंगे और 17 सितंबर को समाप्त होंगे। इसके अगले दिन 18 सितंबर से अधिक मास शुरू हो जाएगा, जो 16 अक्तूबर तक चलेगा। वहीं नवरात्रि का पावन पर्व 17 अक्तूबर से शुरू होगा और 25 अक्तूबर को समाप्त होगा।
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