ब्रिटिश अधिकारियों से लेकर महात्मा गांधी की हत्या में भी सावरकर का नाम सामने आया। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान काले-पानी की सजा काटी। मगर उन पर अंग्रेजों से माफी मांगने और साथियों को मजधार में छोड़ने के भी आरोप लगे।
from Jansattaराष्ट्रीय – Jansatta http://bit.ly/30LAinH
No comments:
Post a Comment