सोमवार को न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की सदस्यता वाली पीठ ने कहा, ‘किसी असंवैधानिक कृत्य में एक संवैधानिक न्यायालय पक्ष क्यों बने....यदि कोई व्यक्ति वोट नहीं डालता है तो उसे पार्टी से निकाला जा सकता है। लेकिन नोटा लाकर आप (चुनाव आयोग) वोट नहीं डालने के कृत्य को वैधता प्रदान कर रहे हैं।’
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